श्रावस्ती। जिलाधिकारी ने शनिवार को मिशन इंद्रधनुष की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने माना कि एएनएम महिलाओं को परिवार नियोजन की जानकारी नहीं दे रही हैं। इसके साथ ही बैठक में अन्य समस्याओं पर भी विचार विमर्श किया गया।
समीक्षा बैठक के दौरान डीएम यशु रुस्तगी ने कहा कि एएनएम व आशाओं की ओर से गांवों में परिवार नियोजन जानकारी नहीं दी जा रही है। इससे अन्य जिलों की अपेक्षा श्रावस्ती में जनसंख्या वृद्धि दर अधिक है। इसको कम करने के लिए सरकार की ओर से अस्पताल के माध्यम से परिवार नियोजन की कई सुविधाएं निशुल्क दी जा रही है।
प्रोत्साहन स्वरूप महिला नसबंदी के लिए दो हजार, पुरुष नसबंदी के लिए तीन हजार, प्रसव के बाद कापर टी लगवाने पर 300 रुपये दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही परिवार नियोजन के अन्य संसाधनों को लोग अपना कर खुशहाल बना सकते है। समीक्षा के दौरान उन्होंने देखा कि एनआरसी में अति कुपोषित बच्चों की उपस्थिति कम हो रही है।
इस पर सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जिले में जितने भी मरीज ओपीडी में आते हैं उनमें से तीन प्रतिशत मरीजों का क्षय रोग परीक्षण कराया जाए। इस दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, डेंगू से बचाव एवं हाई रिस्क गर्भवती की पहचान सहित स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित अन्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मौके पर स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।