गिरंट के निकट खेत में पड़ी भीगी फसल
श्रावस्ती/गिरंट बजार। तराई में मंगलवार सुबह हुई बारिश के बाद बुधवार रात एक बार फिर कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। लगातार दो दिन हुई बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे गेहूं की कटाई व मड़ाई थम गई है।
गिरंट क्षेत्र के काशीपुरवा गांव में बृहस्पतिवार सुबह धूप निकलने पर खेत में मड़ाई के लिए इकट्ठा की गई गेहूं की फसल को सुखाने के लिए खेत में बिखेरते दिखे। इस दौरान बादलों की आवाजाही भी जारी रही। काशीपुरवा निवासी किसान राम यादव ने बताया कि उनकी कुछ गेहूं की फसल कट गई थी और मड़ाई के लिए खेत में रखी थी। वहीं कुछ गेहूं की फसल अभी कटाई के लिए खेत में लगी है। लगातार दो दिन रुक-रुक कर हुई बारिश से जो फसल खेत में कटी पड़ी है, उसमें गेहूं का दाना काला पड़ने लगा है।
किसान तिलक राम और विजय पाल यादव ने बताया कि फसल को खेत में बिखेरा जा रहा है ताकि नुकसान को कम किया जा सके। खेत की मिट्टी और गेहूं का ठंडल भी भीगा हुआ है। ऐसे में नमी के चलते सड़न होने की संभावना है। डंठल व बाली सड़ने पर मड़ाई में दिक्कत होगी और लगभग 10 प्रतिशत दाना गेहूं की बाली में ही रह जाएगा। गुणवत्ता में कमी होने पर सरकारी क्रय केंद्र पर इसकी बिक्री करना भी मुश्किल होगा। साथ ही भूसा भी नहीं बन सकेगा।
गिरंट के निकट खेत में पड़ी भीगी फसल