आनंद बोधि पर प्रार्थना करते अनुयायी।
कटरा (श्रावस्ती)। म्यांमार से अनुयायियों का 40 सदस्य दल शनिवार को बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती पहुंचा। इस दौरान दल के सदस्यों ने भिक्षु भवरानंद के नेतृत्व में आनंद बोधि पर प्रार्थना की। भिक्षु भंवरानंद ने कहा कि मनुष्य को कभी भी क्रोध की सजा नहीं मिलती, बल्कि क्रोध से सजा मिलती है। हजारों लड़ाइयों के बाद भी मनुष्य तब तक नहीं जीत सकता, जब तक वह अपने ऊपर विजय प्राप्त नहीं कर लेता है। मनुष्य को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने से ज्यादा अपनी यात्रा पर ध्यान देना चाहिए।
पूजन के बाद अनुयायियों ने तपोस्थली स्थित कौशांबी कुटी, सूर्यकुंड, सभा मंडप, गंध कुटी, राहुल कुटी, संघा बुद्ध विहार, कच्ची कुटी पक्की कुटी आदि का भ्रमण किया। इस दौरान समूची बौद्ध तपोस्थली बुद्धम शरणम गच्छामि, संघम शरणम गच्छामि के उद्घोष से गुंजायमान रही।