श्रावस्ती। जिला अस्पताल के पास लाखों रुपये खर्च कर बनवाया गया डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क इन दिनों बदहाली का शिकार है। बच्चों के खेलने और लोगों के शाम के समय सुकून के पल बिताने के लिए बनाए गए इस पार्क में जगह-जगह अव्यवस्थाएं फैली हैं। पार्क में बड़ी-बड़ी घास उग आई है और बिजली के खुले तार बिखरे पड़े हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है। पार्क के गेट के पास राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और नजदीक जिला चिकित्सालय होने से बच्चों व अन्य लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रस्तुत है पड़ताल करती हुई एक रिपोर्ट...
झाड़ियों में विषैले जीवों का डेरा
डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क की पड़ताल में परिसर बड़ी-बड़ी झाड़ियों से घिरा मिला। झाड़ियों के कारण अस्पताल की तरफ का गेट भी दिखाई नहीं दे रहा था। घास और झाड़ियों में विषैले जीव विचरण करते मिले, जिससे पार्क आने वाले बच्चों व लोगों पर खतरा मंडरा रहा है। बदहाली के चलते पार्क निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है।
सीवर टैंक का ढक्कन गायब
पार्क में बने सीवर टैंक का ढक्कन गायब रहा। जिसके चलते किसी भी समय पार्क आने वाले छोटे बच्चे इसमें गिरकर हादसे का शिकार हो सकते हैं। जिम्मेदार पार्क की देखरेख में कितनी रुचि दिखा रहे हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंटरलॉकिंग तक पर भी घास उगी नजर आई।
जंक्शन बॉक्स व स्ट्रीट लाइट के बाक्स खुले
पार्क में लगी लाइटों को हाईवोल्टेज विद्युत आपूर्ति पहुंचाने के लिए पार्क की दीवार पर लगा जंक्शन बॉक्स भी खुला नजर आया। जो पार्क आने वाले बच्चों के लिए किसी भी समय मौत का कारण बन सकता है। वहीं, जंक्शन बॉक्स बड़ों के लिए खतरा बन सकते हैं। जंक्शन बॉक्स के साथ पार्क में लगी स्ट्रीट लाइट के बॉक्स भी खुले रहे, जो पांच से छह साल के बच्चों के लिए भी हानिकारक साबित हो सकते हैं।
घास में पड़ी टेप से जुड़ी केबल
पार्क में आने वाले लोगों को आकर्षित करने और जिले में प्रवेश करने वालों को देश की समृद्धि का एहसास कराने के लिए लगाया गया भारी-भरकम तिरंगा अब गायब है। वर्तमान में केवल पोल खड़ा है। वहीं, फ्लैग स्टैंड के पास घास में टेप से जुड़ी केबलें पड़ी हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकती हैं।
अंबेडकर पार्क में झाड़ियों से ढंका रास्ता।
अंबेडकर पार्क में झाड़ियों से ढंका रास्ता।
अंबेडकर पार्क में झाड़ियों से ढंका रास्ता।