इंतजार की घड़ी समाप्त हो गई। करीब 27 साल बाद रविवार को कटरा एयरपोर्ट पर बना पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सर्वांगीण विकास मोदी की गारंटी है। इसके बाद तो मौजूद लोगों का उल्लास और उत्साह देखते ही बना। अवसर था श्रावस्ती एयरपोर्ट के वर्चुअली लोकार्पण का। इस दौरान मौजूद लोगों ने मोदी है तो मुमकिन है, अबकी बार 400 पार का उद्घोष भी किया।
बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती के नवनिर्मित एयरपोर्ट का आजमगढ़ में आयोजित रैली से प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअली लोकार्पण किया। इस दौरान एयरपोर्ट पर मौजूद जिले के प्रभारी मंत्री व राज्यमंत्री राकेश कुमार राठौर, श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय, एमएलसी डा. प्रज्ञा त्रिपाठी, पदमसेन चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय प्रकाश त्रिपाठी व भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी साकेत मिश्र ने दीप प्रज्वलित किया। प्रधानमंत्री ने वर्चुअली उद्बोधन में कहा कि आज आजमगढ़ के कार्यक्रम में पूरे देश के कई विकास कार्यक्रमों व परियोजनाओं का शुभारंभ हो रहा है। 34 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं के साथ 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए यह कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट, रेलवे एवं हाईवे के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा की व्यवस्था भी चाक चौबंद हो रही है। श्रावस्ती में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। यहां का सर्वांगीण विकास मोदी की गारंटी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार में डूबी परिवारवादी राजनीतिक पार्टी और उनकी सरकारों ने यहां पर आतंक का माहौल बना रखा था। देश की युवा शक्ति के विकास के रास्ते रुके थे। पूरे देश की 140 करोड़ जनता मेरा परिवार है।
कार्यक्रम में मौजूद प्रभारी मंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट का उद्देश्य श्रावस्ती का पूरे देश से हवाई संपर्क बढ़ाना है। भाजपा प्रत्याशी साकेत मिश्रा ने कहा कि जिस तरह भगवान राम के समय में समाज के हर तबके के विकास की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी, उसी तरह प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे देश में विकास और रामराज्य की व्यवस्था लाने के लिए बेहतर कृषि संसाधन, उत्तम स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ जल जमीन और आकाश मार्ग से परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास किया है। कार्यक्रम को श्रावस्ती विधायक ने भी संबोधित किया।
इस दौरान मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्रा, डीआईजी अमरेंद्र पीडी सिंह, डीएम कृतिका शर्मा, एसपी घनश्याम चौरसिया, बलरामपुर के डीएम व एसपी सहित बौद्ध भिक्षु, देवी पाटन मंडल के जन प्रतिनिधि व व्यापारी भी मौजूद रहे।