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Shravasti News: श्रावस्ती से लगते नेपाल के सभी नदी घाट बंद

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भारत-नेपाल सीमा पर जांच करते एसएसबी के जवान। - स्रोत: एसएसबी
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श्रावस्ती।
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हिंसा के बीच नेपाल की जेलों से बड़ी संख्या में कैदी भाग निकले हैं। उनके भारतीय सीमा में दाखिल होने की आशंका है। ऐसे में नेपाल सशस्त्र बल ने नेपाल स्थित राप्ती नदी के सभी घाटों पर नाव संचालन की रोक लगा दी है।

राप्ती नदी पर नेपाल में बने सती घाट, बालू घाट, पिपरहवा घाट, कुड़वा घाट, भोज भगवानपुर घाट का प्रयोग प्रतिदिन सैकड़ों नेपाली व भारतीय नागरिक आने-जाने के लिए करते हैं। इन घाटों पर नाव संचालन अब बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि नेपाल सशस्त्र बल ने यह फैसला नेपाल में जारी हिंसा और हिंसा के बीच जेलों में फरार हुए कैदियों के नदी के रास्ते भागने की आशंका में लिया है।
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सती घाट का प्रयोग नेपाल के बेतहनी, वीरता, पुरैना, नेपाल गंज, फत्तेपुर, गेंदवा के लोग भारत के जानकी गांव स्थित बाजार आने के लिए करते हैं। वहीं, भारतीय लोग भी इस घाट से नेपाल जाते हैं। इसी प्रकार पिपरहवा घाट का प्रयोग नेपाल के बेतहनी, पुरैना, नेपालगंज और भारतीय क्षेत्र के संतलिया व जानकीगांव के लोग, बालू घाट का प्रयोग नेपाली लोगों के साथ-साथ भारतीय क्षेत्र के बहराइच के संतलिया, जानकी गांव बाजार, बैंदौरा, नूरी चौराहा व नवाबगंज के लोग करते हैं।

बैरियर लगाकर एसएसबी ने बढ़ाई निगरानी
नोमैंसलैंड पर एसएसबी ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पगडंडियों पर बैरियर लगाकर खरीदारी के लिए आने वाले नेपालियों की सघन जांच की जा रही है। पहचानपत्र आधार पर ही उन्हें आने दिया जा रहा है।

पत्नी के साथ जा रहे थे ससुराल, बाल-बाल बचे
जमुनहा के कलकलवा निवासी कुंवारे ने बताया कि उनकी ससुराल नेपाल के बांके जिला के भोज भगवानपुर के नई बस्ती में है। उपद्रव वाले दिन वह पत्नी मनीषा के साथ मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ससुराल जा रहे थे। अचानक उपद्रव की सूचना पर आधे रास्ते से लौट आए।
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भाभी ने मामा के घर ली शरण
जमुनहा के बालापुर निवासी अजय कुमार यादव ने बताया कि उनकी भाभी कुमकुम देवी अपने मायके नेपाल के बांके जिला के भोज भगवानपुर क्षेत्र के जमुनी गई थीं। इस दौरान हिंसा शुरू होने से पूरा परिवार सहम गया। कर्फ्यू के बाद बुधवार को भाभी किसी तरह पिपरहवा निवासी मामा विजय बहादुर सिंह यादव के घर पहुंची हैं, जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।
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