श्रावस्ती। गर्मी व लू से बचने के लिए आपदा विभाग ने आम लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। सोमवार को जारी अलर्ट में गर्मी व लू से होने वाली बीमारी, बचाव व त्वरित इलाज के लिए क्या करें। इसकी जानकारी दी गई है।
भीषण गर्मी के कारण आम जनजीवन अस्तव्यस्त है। चिकित्सालयों में औसतन साठ फीसदी मरीज गर्मी जनित बीमारियों के ही आ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने लोगों के लिए सुरक्षा एवं बचाव पर एलर्ट जारी किया। उन्होंने कहा है कि हीट वेव (लू) के कारण शरीर की कार्य प्रणाली प्रभावित हो रही है।
इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। उनको सर्दी-जुकाम, बुखार, उल्टी-दस्त व पेटदर्द जैसी बीमारियां हो रही हैं। इससे बचने के लिए सफाई का खास ध्यान रखें। दूषित पानी और बासी भोजन से बचें। तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें, लू के थपेड़ों से बचने के लिए शरीर को ढक कर रखें, तली भुनी चीजों को खाने से परहेज करें।
लू लगने का पहचान
पीड़ित को ज्यादा तेज बुखार आना। ज्यादा प्यास लगना। बेहोशी, चक्कर आना, हाथ-पैर में दर्द होना लू के लक्षण हैं। आंखें व हाथ-पैरों के तलवों में जलन होती है। इससे आदमी बेहोश हो सकता है। बहुत अधिक गर्मी और जलन से रोगी के शरीर में बेचैनी हो जाती है।
काम करते समय हल्के सूती कपड़े पहने। काले या गहरे रंग के कपड़े ना पहने। सिर पर रुमाल या टोपी पहने, जिससे न केवल सिर बल्कि कान और चेहरे का धूप से बचाव हो सके। छोटे बच्चे और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग अधिकांश समय छांव में ही रहें। धूप में निकलते समय छाते का इस्तेमाल करें। बहुत प्यास लगने, सर चकराने, घबराहट या भ्रम महसूस होने पर छांव में जाए और पानी पिऐं।