श्रावस्ती। तराई में आए दिन हो रही बारिश के बाद लोगों को आंशिक रूप से गर्मी में राहत तो जरूर मिली, लेकिन एक नई समस्या ने घेर लिया है। भिनगा नगर में व्याप्त गंदगी व जलभराव के कारण अब सड़न उठने लगी है। आसपास से निकलने वाले लोग इस सड़न व गंदगी के कारण होने वाले संक्रामक रोग के खतरे से परेशान है। इसके बाद भी प्रशासन का ध्यान इस ओर नही जा रहा है।
भिनगा नगर के मध्य स्थापित सब्जी मंडी परिसर में कीचड़ व जलभराव की समस्या है। सब्जी मंडी आने वाले मार्गों पर भी गंदगी का साम्राज्य है। ऐसे में यहां फल व सब्जी विक्रेताओं द्वारा सड़े गले फल व सब्जियों को फेंका जा रहा है। जिससे उठने वाली दुर्गंध ने आमजन का सांस लेना भी दूभर है। ऐसे में यहां आने वाले लोग संक्रामक रोग का शिकार हो सकते हैं। यही हाल नगर के इंटर कॉलेज का भी है। जहां खेल मैदान पूरी तरह से कूड़ा घर बना हुआ है।
यहां आसपास के लोगों द्वारा खेल मैदान में ही कूड़ा फेंका जा रहा है। नालियों की सफाई न होने के कारण वह चोक हो चुकी है। इसके चलते नालियों का दूषित जल भी मैदान में ही एकत्र हो रहा है। इससे मंगलभट्ठा, वीरेंद्र बाग सहित आसपास के लोगों में संक्रामक रोग का भय व्याप्त है। नगर के ही हनुमानगढ़ी मोहल्ले में स्थित प्राथमिक विद्यालय के सामने मौजूद गड्ढे में लोगों द्वारा कूड़ा फेंका जाता है। पास में निवासरत कसगढ़ समुदाय के लोगों की ओर से खच्चरों की लीद भी इसी गड्ढे में फेंकी जाती है। ऐसे में बरसात बाद निकलने वाली धूप के कारण यहां दुर्गंध उठ रही है।
जिससे बीमारियों की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। नगर पालिका कार्यालय सहित कांशीराम आवास जाने वाले मार्ग के किनारे कूड़े का ढेर लगा हुआ है। जिसे नगर के बाहर नहीं फेंकवाया जा रहा है। विगत दिन हुई बरसात के कारण लोगों का मार्ग से गुजरना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन की ओर से समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
वहीं इस बारे में सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि बरसात के बाद निकलने वाली धूप व उमस के कारण लोगों में डायरिया, उल्टी व दस्त, खसरा, चर्म रोग, मलेरिया आदि का खतरा हो सकता है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि लोग दूषित जल, खुले व बासी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचे। बीमारी का लक्षण दिखते ही तत्काल पीड़ित को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर चिकित्सक की सलाह लें।