श्रावस्ती। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट की घटना को लेकर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शुक्रवार को अधिवक्ता आंदोलित रहे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रह अपना विरोध जताया। अधिवक्ताओं ने मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन एसडीएम भिनगा को सौंपा।
मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता शुक्रवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने भिनगा तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन उप जिलाधिकारी भिनगा चंद्रमोहन गर्ग को सौंपा।
ज्ञापन में एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश कुमार शुक्ल ने कहा है कि दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पुलिस अधिकारियों की ओर से की गई फायरिंग में जो अधिवक्ता घायल हुआ है उसे तत्काल दस लाख रुपये का मुआवजा दिलाया जाए। दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध जांच कर उन्हें तीन माह के अंदर दंडित किया जाए। प्रदेश के जिन अधिवक्ताओं की हत्या हुई है, उनके हत्यारों की गिरफ्तारी कर उचित कार्रवाई की जाए। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को बीस लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति से मृतक अधिवक्ताओं के वर्षों से लंबित दावों का निपटारा तत्काल किया जाए। नए अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन भत्ता दिलाया जाए। अधिवक्ता भविष्य निधि की राशि एक लाख 25 हजार से बढ़ा कर पांच लाख रुपये की जाए। कोई भी पुलिस अधिकारी व सिपाही न्यायालय परिसर में असलहे लेकर प्रवेश न करे।
अधिवक्ता की जानमाल सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं। तत्काल अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम पारित किया जाए। इस मौके पर अवधेश कुमार, वीरेंद्र कुमार शर्मा, आशुतोष मिश्र, ओम नारायण मिश्र, संतोष कुमार तिवारी, राजीव टंडन, कमला प्रसाद त्रिपाठी, अभिषेक त्रिपाठी, कामेश्वर नाथ वर्मा, रवी शंकर पाठक सहित काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।