श्रावस्ती। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अव्यवस्थित खानपान का असर शरीर और दिमाग पर पड़ना स्वाभाविक है। कुछ लोग तनाव और अवसाद से छुटकारा पाने के लिए दवाओं का सहारा लेने लगते हैं लेकिन इसके अत्यधिक सेवन से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। नियमित योगाभ्यास से अवसाद और तनाव की परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है। यह बातें कलेक्ट्रेट कॉलोनी स्थित अटल इको चिल्ड्रन पार्क में योग सहायिका रंजीता सिंह ने कहीं।
वहीं स्पोर्ट्स स्टेडियम भिनगा में योग सहायिका अर्चना वर्मा ने कहा कि तनाव से मुक्त रहने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय खुद में परिवर्तन लाना है। हर व्यक्ति तनाव ग्रस्त है। इसे दूर करने के लिए लोग मनोचिकित्सक के पास जाने से घबराते हैं। मानसिक शांति व संतुलन के लिए योग-प्राणायाम बेहतर है। इससे हम गंभीर रोगों से दूर रह सकते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 30 से 40 मिनट योग-प्राणायाम और ध्यान करना चाहिए। इस दौरान योग सहायिकाओं ने मौजूद लोगों को विभिन्न योग का अभ्यास कराया। वहीं जिला कारागार भिनगा में डिप्टी जेलर रामेश्वर दयाल के नेतृत्व में योग प्रशिक्षक अरुण कुमार व प्रवीण कुमार वर्मा ने बंदियों को विभिन्न योग का अभ्यास कराया।