श्रावस्ती। लॉकडाउन के बाद शनिवार को पहली बार जिले के सभी थानों में समाधान दिवस का आयोजन हुआ। इसमें आई शिकायतों को गुणवत्ता पूर्ण ढंग से निस्तारित करने का अधिकारियों ने निर्देश दिया। भिनगा कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस की अध्यक्षता डीएम ने की। जिले के सभी थानों में कुल 29 शिकायतें आईं जिसमें से मात्र तीन का मौके पर निपटारा किया गया।
भिनगा कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस पर डीएम टीके शिबु ने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी शिकायतों का स्थलीय सत्यापन कर उसका निपटारा करें। शिकायतों के निपटारों में फर्जी रिपोर्ट लगाने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। फरियादियों के मोबाइल पर बात करने पर अगर निपटारा फर्जी मिला तो जवाब तलब कर निलंबन की कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि लेखपाल एवं ग्राम पंचायत अधिकारी गांव के विकास की मुख्य धुरी हैं। वह गांव में जिला प्रशासन का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए उनका दायित्व है कि गांव में हो रही गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर रखें। यदि कहीं भी उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियां मिलती है तो तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचित करें।
ताकि प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इसके बाद सिरसिया पहुंचे डीएम ने फरियादियों की समस्याओं को सुना। साथ ही उन्होंने सभी लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक को निर्देश दिया कि सरकारी जमीनों में किसी भी प्रकार का कब्जा न किया जाए। यदि किसी भी क्षेत्र में इस प्रकार की शिकायत मिली तो संबंधित क्षेत्र के लेखपाल व राजस्व निरीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी।
पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार मौर्या ने थाना प्रभारियों को प्राप्त शिकायतों का निपाटार प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया। इस दौरान भिनगा प्रवेंद्र कुमार, तहसीलदार भिनगा राजकुमार पांडेय मौजूद रहे। वहीं एएसपी बीसी दुबे ने गिलौला व इकौना में लोगों की फरियाद सुनी। जबकि सीओ हौसला प्रसाद ने सोनवा थाने में फरियादियों की समस्या सुनकर उनके निस्तारण का निर्देश संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को दिया।