गिलौला। ग्राम पंचायत लक्ष्मनपुर अचरौरा निवासी मोनू शर्मा ने सीएचसी गिलौला के कर्मियों पर पत्नी के इलाज में लापरवाही व लापरवाही के चलते उनके नवजात बच्चे की मौत का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. दीपक शुक्ला ने आरोपों को निराधार बताया है।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि प्रसव पीड़ा के बाद बृहस्पतिवार को वह अपनी पत्नी को लेकर निजी वाहन से सीएचसी गिलौला आए थे। जहां शाम लगभग 4:20 बजे उनकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया, जो पूरी तरह स्वस्थ था। कुछ देर बाद ही इलाज में लापरवाही के चलते उनके बेटे की सांस रुकने लगी और शरीर काला पड़ने लगा। मोनू शर्मा ने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही बरती गई और रुपये की मांग की गई। वहीं हालत ज्यादा खराब होने पर इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने बच्चे को जिला अस्पताल भिनगा रेफर कर दिया। सीएचसी अधीक्षक बताया कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। सारे आरोप निराधार हैं। बच्चा अस्वस्थ होने पर उसे भिनगा रेफर किया गया था। महिला के साथ उनके पति मोनू नहीं, महिला की सास आई थी। सास ने कोई आरोप नहीं लगाया है और उसकी रिकार्डिंग भी मौजूद है।