श्रावस्ती/गिरंट बाजार। बादलपुरवा निवासी अशरफ खां ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया है। उन्होंने गांव के कुछ लोगों पर घर में घुसकर तोड़फोड़, महिलाओं से अभद्रता और लूट का गंभीर आरोप लगाया है। अशरफ ने हरदत्तनगर पुलिस पर विपक्षियों को लाभ पहुंचाने और उनकी प्राथमिकी दर्ज न करने का भी आरोप लगाया है। अशरफ के अनुसार, उनके मामा वकील और गांव निवासी गुलजार के बीच भूमि विवाद है। 28 जुलाई 2026 को उनके मामा का बेटा वसीम कटिलिया चौराहे से आ रहा था। इस दौरान रास्ते में खड़े कुछ लोगों ने उसे गाली-गलौज की। मामा ने थाने में तहरीर दी, जिससे विपक्षी नाराज थे। 30 जुलाई 2026 की शाम 50 से 60 लोगों ने अशरफ के घर पर हमला कर दिया। हमलावरों ने पथराव किया, महिलाओं से अभद्रता की और तोड़फोड़ की। अशरफ ने आरोप लगाया कि हमलावर 4.5 लाख रुपये नकद और लाखों के आभूषण लूट ले गए। उन्होंने घर में खड़ी बाइक भी तोड़ दी।
पुलिस पर गंभीर आरोप
अशरफ ने तत्काल डॉयल 112 पर घटना की सूचना दी थी। हरदत्तनगर गिरंट थाने के पुलिस कर्मी उन्हें, गुलजार और नफीस को थाने ले गए। पुलिस ने गुलजार और नफीस को रास्ते में छोड़ दिया, जबकि अशरफ को थाने में बिठाए रखा। पुलिस ने विपक्षियों पर कार्रवाई करने के बजाय अशरफ और उनके बड़े पिता के दो बेटों का भी 151 में चालान कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी सुलह के लिए दबाव बना रहे हैं, जिसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
बादलपुरवा गांव