श्रावस्ती। बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर बिंदौरा चौराहे के पास मंगलवार को हुए दर्दनाक हादसे ने भिनगा के पुरानी बाजार दक्षिणी निवासी मदरसा शिक्षक शरीफ के पूरे परिवार की खुशियों को उजाड़ दिया। हादसे में शरीफ सहित उनकी पत्नी तबस्सुम बानों, बेटे मोहम्मद उजैम व बेटी रुश्दा की मौत हो गई। मौत की सूचना से मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। पड़ोसियों सहित पूरे दिन भिनगा नगर में शरीफ के मौत की चर्चा रही।
मृतक मदरसा शिक्षक शरीफ के रिश्ते में साले अख्तर ने बताया कि शरीफ भिनगा नगर स्थित मदरसा अनवारुल उलूम में शिक्षक थे। शरीफ के चार बेटे व दो बेटियां थीं। शरीफ की बेटी रुश्दा लखनऊ स्थित शाहीन स्कूल में मेडिकल की पढ़ाई करती थी। मंगलवार सुबह शरीफ अपनी पत्नी तबस्सुम व बेटे मोहम्मद उजैम के साथ बेटी रुश्दा को लखनऊ स्कूल छोड़ने व बीमार बहन को देखने जा रहे थे। इस दौरान बाराबंकी जिले के मसौली थाना के बिंदौरा गांव के पास उनकी कार में डंपर से टक्कर लग गई। हादसे में शरीफ, पत्नी तबस्सुम, बेटे मोहम्मद उजैम व रुश्दा की मौत हो गई। वहीं, छोटी बेटी हुदा (7) गंभीर रूप से घायल हो गई। उसका इलाज जारी है।
बलरामपुर के मूल निवासी
अख्तर ने बताया कि उनके जीजा शरीफ मूल रूप से बलरामपुर जिले के कोतवाली नगर के मोहल्ला बलुहा के रहने वाले थे। उनके चार बेटे व दो बेटियां थीं। इसमें से एक बेटे व एक बेटी सहित उनकी मौत हो गई है। घटना के बाद से बेटों सुरेन, सुहेन व हमजा की रो-रो कर हालत खराब है और सभी बाराबंकी चले गए हैं। मोहल्ला निवासी इब्राहिम, रिंकू विश्वकर्मा आदि ने बताया कि मोहल्ले में मातम जैसा माहौल है।