कौशांब कुटी में प्रार्थना करते बौद्ध अनुयायी।- संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शनिवार को म्यांमार से आए अनुयायियों के 20 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में कौशांब कुटी का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान आयोजित बौद्ध सभा में भिक्षु देवानंद ने गौतम बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सिद्धार्थ गौतम 29 वर्ष की आयु में राज-पाट त्याग कर सत्य की खोज में निकल गए थे। उन्हें 35 वर्ष की आयु में बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञानोदय प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने अपना जीवन ज्ञान की शिक्षा देने और दुख से मुक्ति का मार्ग बताने में बिताया।