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867 ग्रामीणों को मिलेगा मकान का मालिकाना हक

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श्रावस्ती। आबादी की जमीन पर बसे गांवों में कब्जे के आधार पर बने मकानों की अब ग्रामीणों को खसरा खतौनी मिलेगी। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत भिनगा के पांच गांवों का चयन किया गया था, जिसमें 867 भूखंडोें को खेसरहवा में दिखाते हुए उसका गाटा संख्या निर्धारित किया गया है। इसमें से 790 गाटा संख्या ग्रामीणों के हैं, जबकि 77 गाटा संख्या सरकारी भूमि के निर्धारित किए गए हैं। 11 अक्तूबर को ग्रामीणों को यह खसरा खतौनी दी जाएगी। इसके बाद ग्रामीण इन गाटा संख्या वाली भूमि के स्वामी माने जाएंगे।
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जिले के सभी गांव आबादी की जमीन पर बसे हुए हैं। इस भूमि पर ग्रामीण मकान बनाकर रहते तो थे, लेकिन जितने हिस्से में उनका मकान होता था, उसका स्वामित्व उनके पास नहीं था। इसके चलते वह उस भूमि पर आवास लोन सहित किसी अन्य प्रकार की सुविधाएं नहीं ले पाते थे। सरकार ने सभी ग्रामीणों को उनके कब्जे वाली आवासीय भूमि का खसरा व खतौनी जारी करने का आदेश दिया था, ताकि ग्रामीण इस भूमि का स्वामित्व प्राप्त कर इसका लाभ ले सकें।
इसके तहत भिनगा तहसील के पांच गांवों का चयन पायलट प्रोजेक्ट के तहत हुआ था, जिसमें गुलरा बंजारा, वर्गावर्गी, उमायल खुर्द, भिट्ठी व सलारपुर शामिल हैं। इन गांवों का ड्रोन से फोटो लेकर उसका खसरा तैयार किया गया था, जिसका अंतिम प्रकाशन भी हो चुका है। इन पांच गांवों में 867 गाटा संख्या तैयार की गई है, जिसमें 790 गाटा संख्या ग्रामीणों के हैं और 77 गाटा संख्या सरकारी भूमि का है, जो गांव की सीमा में हैं।
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इस संबंध में तहसीलदार भिनगा राजकुमार पांडेय ने बताया कि गुलरा बंजारा में कुल 62 गाटा संख्या निर्धारित की गई है, जिसमें चार सरकारी हैं। वर्गीवर्गी में 290 गाटा संख्या निर्धारित की गई हैं, जिसमें 31 सरकारी हैं। उमायल खुद में 216 गाटा संख्या निर्धारित हैं, इसमें नौ सरकारी है। भिट्ठी में 132 के सापेक्ष 19 व सलारपुर में 167 के सापेक्ष 14 गाटा संख्या सरकारी भूमि की निर्धारित की गई है। 11 अक्तूबर को इसकी खसरा खतौनी जारी करके ग्रामीणों को सौंप दी जाएगी। इसी के बाद ग्रामीण इन गाटा संख्या वाली भूमि के स्वामी माने जाएंगे।
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