श्रावस्ती। परिषदीय स्कूलों में बच्चों का पहला दिन कहीं खुशी तो कहीं रोजमर्रा ढर्रे पर ही रहा। यही नहीं कुछ स्कूल तो पहले दिन ही स्वच्छता के नाम पर फेल हो गए जबकि कुछ स्कूलों के शिक्षकों ने मिसाल भी पेश की।
नया शिक्षा सत्र पहली अप्रैल सोमवार को प्रारंभ हो गया। जैसा कि पहले ही सरकार ने घोषित किया था कि नामांकन के साथ-साथ बच्चों को पुस्तकें दे दी जाएं ताकि पूरा सत्र बच्चे उस पुस्तक का उपयोग कर सकें। पहले दिन सभी विकास खंडों के पांच-पांच स्कूलों के बच्चों को कुछ किताबें दी गईं।
जहां किताबें मिल गईं, वहां के बच्चों के चेहरे खुशी से खिले हुए थे। किताबें भी बच्चों के पसंद की ही रहीं। कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को पुस्तक ‘कलरव’ व ‘रैंबो’ दी गईं। रंग-बिरंगी किताबों ने बरबस ही बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर लिया। इसी के साथ ही विद्यालयों में नामांकन का श्रीगणेश भी हुआ।
बीएसए ओमकार राणा ने बताया कि पांच किताबें जिले को मिल गई हैं जिन्हें सभी बीआरसी पर सत्यापन के बाद भेज दिया गया है। यहां से किताबें स्कूलों को भेजी जा रही हैं। कुछ स्कूलों में पहले दिन ही पुस्तकें बांट दी गई हैं। जल्द ही अन्य कक्षाओं की पुस्तकें भी मिल जाएंगी।