श्रावस्ती। परिवहन विभाग के एक कार्यक्रम में निर्धारित समय से ढाई घंटा देरी से पहुंचे सांसद ने एआरटीओ पर ही धौंस जमाना शुरू कर दिया। सांसद ने उनके आने से पहले ही कार्यक्रम खत्म होने पर उसे खानापूर्ति करार दे दिया। इसके साथ ही सांसद ने मौके से ही विभागीय मंत्री को फोन कर एआरटीओ की शिकायत की। जबकि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक, सीडीओ सहित कई अधिकारी मौजूद थे। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में सांसद पर तरह तरह की टिप्पणी करनी शुरू कर दी।
परिवहन विभाग की ओर से रविवार को पुलिस लाइंस सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सांसद दद्दन मिश्र के साथ विधायक श्रावस्ती व अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में प्रतिभाग के जिले जिले के ग्रामीण इलाकों से छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों को भी बुलाया गया था।
जिले में मौसम खराब होने के कारण कार्यक्रम का समय सुबह 11 से साढ़े बारह बजे तक निर्धारित किया गया था। कार्यक्रम अपने निर्धारित समय से श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय की अध्यक्षता में प्रारंभ हुआ। इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में सीडीओ अवनीश राय, एएसपी पीराम के साथ एसडीएम व सीओ भिनगा मौजूद थे।
कार्यक्रम अपने निर्धारित समय पर समाप्त भी हो गया। इसके एक घंटे बाद लगभग डेढ़ बजे सांसद दद्दन मिश्र अपने कुछ समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। कार्यक्रम समाप्त होने की जानकारी पर वे नाराज हो गए और एआरटीओ सुधेश तिवारी पर ही धौंस जमाने लगे। उन्होंने उनके आने से पहले कार्यक्रम समाप्त करने पर एआरटीओ को फटकार लगाते हुए परिवहन मंत्री को फोन पर जिले में कार्यक्रम कराने में खानापूर्ति करने का आरोप लगाया।
सांसद ने अपने फोन से ही एआरटीओ से विभागीय मंत्री से बात भी कराई। इस दौरान एआरटीओ ने विभागीय मंत्री को जानकारी दी कि अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारियों के समय से आने व मौसम खराब होने से कार्यक्रम तय समय पर प्रारंभ कर समाप्त कर दिया गया है। इसके बाद सांसद के समर्थकों से कहासुनी होने पर एआरटीओ मौके से बाहर निकल गए।
इस पूरे घटना क्रम का वहां मौजूद लोगों ने वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही उस पर कमेंट भी आने लगे। इस संबंध में एआरटीओ ने बताया कि वह जनप्रतिनिधि हैं, कुछ भी कह सकते हैं। कार्यक्रम उस दौरान मौजूद विधायक व अन्य अधिकारियों के निर्देश पर समय से ही प्रारंभ कराया गया था। इस मामले में सांसद दद्दन मिश्र का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया पर उन्होंने फोन नहीं रिसीव किया।