श्रावस्ती। लगातार निर्देश के बाद भी करीब 12 अधिकारी ही फील्ड में जा रहे हैं जबकि लगभग 100 अधिकारियों को फील्ड में जाना है।
क्षेत्र में न जाने वाले अधिकारियों को चिह्नित कर उनसे जवाब तलब करने के साथ ही उनका वेतन रोकने की कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
कहा गया कि जन कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में फिसड्डी अधिकारियों का चिन्हीकरण कर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाए।
ये बातें रविवार शाम इकौना तहसील सभागार में जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जिले के नोडल अधिकारी व प्रदेश के सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण केराम मोहन राव ने कही।
कहा कि कार्यों में उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। इसके लिए उन्हें चिह्नित किया जाएगा। उन्होंने अधिशाषी अभियंता जलनिगम, बीएसए, जिला कृषि अधिकारी, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग से भ्रमण डायरी तलब की तो हकीकत सामने आई।
इन अधिकारियों ने न तो अपनी डायरी मेनटेन की थी और न ही निरीक्षण आख्या ही बनायी थी। इस पर नाराजगी जताते हुए व्यवस्थाएं पटरी पर लाने के लिए सीडीओ को निर्देश दिया
चेतावनी देते हुए कहा कि बार-बार निर्देश के बाद भी जो अधिकारी ढंग से कार्य नहीं कर रहे हैं, उनका वेतन रोकने के साथ ही कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाए।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल दिया है।
इस पर आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की उपस्थिति, दिये जाने वाले पुष्टाहार सहित अन्य बिंदुओं को भर कर प्रत्येक दिन भेजना होता है।
अभी तक सभी कार्यकर्ता कार्य नहीं कर रहे हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए डीपीओ को सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का व्हाट्सअप ग्रुप बनाने तथा केंद्र खुलते ही पहली फोटो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका व बच्चों के साथ सुबह 10:30 बजे, 12 बजे व दो बजे प्रतिदिन भेजने का निर्देश दिया।
साथ ही बच्चों को मिलने वाली खाद्य सामग्री भी मीनू के अनुसार ही उपलब्ध कराने को कहा। शांति समीक्षा के दौरान उन्होंने एएसपी को कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में महिला पुलिस को टीम बनाकर सादी वर्दी में भेजने तथा छात्राओं से उनका कुशल क्षेम लेते रहने को कहा।
बैठक में डीएम दीपक मीणा, सीडीओ अवनीश राय, एएसपी पीराम, एसडीएम इकौना राजेश कुमार मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी राकेश रमन व जिला आबकारी अधिकारी प्रेम सागर सहित कई विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।