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770 अनुयायियों ने तपोस्थली में की उपासना

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गंध कुटि पर विशेष पूजा करते अनुयायी। - फोटो : SRAWASTI
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कटरा (श्रावस्ती)। जनपद स्थित बौद्ध तपोस्थली शनिवार को अनुयायियों से गुलजार रही। विभिन्न देशों से आए 770 बौद्ध अनुयायियों ने आनंद बोधि व गंध कुटि पर विशेष प्रार्थना की। इस दौरान उपासकों ने बौद्ध भिक्षु श्रद्धालोक महाथेरो के नेतृत्व में आनंद बोधि पर उपासना की। तपोस्थली पर आए दल में थाईलैंड के 150, श्रीलंका से 20, वियतनाम से 150, वर्मा के 150 समेत 300 अन्य उपासक शामिल रहे।
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प्रार्थना के दौरान बौद्ध भिक्षु श्रद्धालोक महाथेरो ने कहा कि बौद्ध धर्म भारत की श्रमण परंपरा से निकला हुआ एक धर्म और महान दर्शन है। गौतम बुद्ध की ओर से बौद्ध धर्म की स्थापना की गई थी। उनका जन्म लुंबिनी नेपाल में हुआ था, जबकि उनका महापरिनिर्वाण कुशीनगर में हुआ था। उनके महापरिनिर्वाण की अगली पांच शताब्दियों में बौद्ध धर्म पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में फैला।
अगले दो हजार वर्षों में मध्य पूर्वी और दक्षिण पूर्वी जंबू महाद्वीप में भी फैल गया। बौद्ध धर्म में हीनयान, थेरवाद, महायान, वज्रयान और नवयान प्रमुख संप्रदाय हैं। परंतु बौद्ध धर्म एक ही है। सभी बौद्ध संप्रदाय बुद्ध के सिद्धांत ही मानते हैं। विश्व में करीब 200 करोड़ लोग बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं, जबकि अमेरिका के प्यु रिसर्च के अनुसार विश्व में लगभग 54 करोड़ लोग बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं, जो दुनिया की आबादी का 7वां हिस्सा है।
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प्यु रिसर्च ने चीन, जापान व वियतनाम देशों के बौद्धों की संख्या बहुत ही कम बताई है। हालांकि यह देश सर्वाधिक बौद्ध आबादी वाले शीर्ष के तीन देश हैं। दुनिया के 200 से अधिक देशों में बौद्ध के अनुयायी रहते हैं। चीन, जापान, वियतनाम, थाईलैंड, म्यांमार, भूटान, श्रीलंका, कंबोडिया, मंगोलिया, लाओस, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया एवं उत्तर कोरिया समेत कई अन्य देशों में बौद्ध धर्म प्रमुख धर्म है।
भारत, नेपाल, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, रूस, ब्रुनेई, मलेशिया आदि देशों में भी करोड़ों बौद्ध अनुयायी रहते हैं। इस मौके पर माता विद्यावती, बौद्ध भिक्षु आनंद सागर, नाग सागर, सुख सागर आदि मौजूद रहे।
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