श्रावस्ती। अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलित राजस्व लेखपाल आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। किसी को आय प्रमाण पत्र तो किसी को जाति व निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। वहीं तमाम लोग भूमि की पैमाइश के लिए परेशान हैं। लेखपालों के कार्य बहिष्कार के कारण जिले में 7387 लोगों के आय जाति व निवास प्रमाण पत्र लंबित हैं। वहीं 3705 लोगों को इसके लिए फिर से आवेदन करना होगा।
जिले के राजस्व लेखपाल करीब एक माह से अपनी मांगों को लेकर आंदोलित हैं। वहीं सौ से अधिक राजस्व लेखपालों की ओर से अतिरिक्त प्रभार छोड़ते हुए संबंधित गांव का बस्ता भी तहसीलों में जमा कर दिया गया है। इसके चलते लेखपाल न तो गांव में भूमि विवादों के निस्तारण के लिए उसकी पैमाइश कर रहे हैं और न ही थाना व तहसील दिवस में आने वाली शिकायतों का मौके पर पहुंच कर निपटारा ही कर रहे हैं। इससे आम जन परेशान हैं।
उधर नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना सहित पेंशन योजना, विभिन्न नौकरियों के लिए आवेदन आदि में लगाने के लिए लोगों की ओर से जिले में 7387 आय जाति व निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया था। इसमें से 1763 आय प्रमाण पत्र, 755 जाति प्रमाण पत्र व 4869 निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन लेखपाल रिपोर्ट के इंतजार में लंबित हैं।
इनमें से आय प्रमाण पत्र के 1209 , जाति प्रमाण पत्र के 363 व निवास प्रमाण पत्र के 2033 सहित कुल 3705 आवेदन एक माह से अधिक समय के होने के कारण अब निरस्त हो चुके हैं। इसके लिए जरूरत मंदों को दोबारा आवेदन करना होगा। लोग यह सोच कर आवेदन फिर नहीं कर रहे कि कहीं दोबारा उनके आवेदन निरस्त न हो जाएं। इसलिए लोग राजस्व लेखपालों की हड़ताल के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।
194 सर्किल में तैनात सिर्फ 105 लेखपाल
जिले में कुल 397 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में 194 लेखपाल सर्किल हैं। इसमें से मात्र 105 लेखपाल की ही जिले में तैनात हैं। शेष सर्किल की जिम्मेदारी इन्हीं लेखपालों पर अतिरिक्त प्रभार के रूप में है। आंदोलन के पहले दिन ही लेखपालों ने अतिरिक्त 89 सर्किलों का बस्ता तहसीलों में जमाकर दिया था।
मांगों के पूरा न होने तक करेंगे कार्य बहिष्कार
एक लेखपाल पर कई सर्किल की जिम्मेदारी है। वह दिनभर अपने सर्किल से लेकर तहसील तक का चक्कर लगाते है। इस पर प्रतिमाह बाइक के खर्चे के रूप में दो से तीन हजार रुपये व्यय हो जाता है, जबकि सरकार की ओर से प्रतिमाह नियत भत्ता ही दिया जाता है। ऐसे में लेखपाल कैसे काम करें। इसके साथ ही उनकी कई अन्य मांगों पर शासन विचार नहीं कर रहा है। जब तक मांगें पूरी नहीं होता कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। - गोविंद नाथ मिश्रा, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ
चल रही वार्ता, जल्द खत्म होगी हड़ताल
राजस्व लेखपाल संघ के पदाधिकारियों से वार्ता कर उन्हें हड़ताल खत्म करने के लिए मनाया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही लेखपाल काम पर लौट आएंगे। इसके बाद लोगों के आवेदनों पर रिपोर्ट लगाने का काम भी शुरू हो जाएगा। - योगानंद पांडेय, अपर जिलाधिकारी