श्रावस्ती। आयुष्मान भारत योजना में जिले के सभी सरकारी अस्पताल संबद्ध हैं। यहां मरीजों को जानकारी देने व उनकी मदद के लिए आयुष्मान मित्र की तैनाती का प्रावधान है।
इसके तहत संयुक्त जिला चिकित्सालय में तो कभी कभी आयुष्मान मित्र दिख जाते हैं, लेकिन अन्य सीएचसी में वह नहीं दिखते। इससे योजना का लाभ पाने को मरीज भटकते रहते हैं।
देखा जाए तो जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 5678 व नगर में 488 परिवार इस योजना के तहत चिह्नित किए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना व मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जाती है।
बीपीएल परिवार के लोग पात्र माने गए हैं। इस योजना के तहत जिले के समस्त सरकारी चिकित्सालय के साथ साथ मेडिकल कॉलेज को इससे संबद्ध किया गया है।
लोगों को योजना का लाभ लेने के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए प्रत्येक अस्पताल में आयुष्मान मित्र तैनात करने का प्रावधान है। संयुक्त जिला चिकित्सालय में आयुष्मान मित्र की तैनाती है, लेकिन यह काउंटर मात्र कार्ड जारी करने तक ही सीमित है।
यहां आने वाले मरीजों को इस कार्ड के माध्यम से कैसे सुविधा मिलेगी, इसकी जानकारी देने वाला कोई नहीं है। संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीज रामनरेश का कहना है कि अभी तक कोई भी व्यक्ति आयुष्मान योजना के बारे में जानकारी देने वाला नहीं मिला है।
उसे नहीं मालूम कि योजना का लाभ किस प्रकार लेना है। चिकित्सालयों में आयुष्मान मित्र के नहीं मिलने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लेने में असुविधा हो रही है।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का मिलेगा लाभ
ऐसे व्यक्ति जिनका नाम बीपीएल सूची में शामिल नहीं है, और वह गरीब हैं। उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल करने की घोषणा सरकार ने की है।
ऐसे में देखा जाए तो करीब 12315 लोग इस श्रेणी में आते हैं। जो किन्हीं कारणों से बीपीएल सूची में शामिल नहीं हो पाए और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में आयुष्मान मित्र काउंटर बनाया गया है। इसके साथ ही सभी सीएचसी में आयुष्मान मित्रों की तैनाती है।
यदि वह तय स्थान पर समय नहीं दे रहे हैं या फिर काउंटर नहीं खुलता है तो उन्हें तत्काल हटाकर नए लोगों की भर्ती की जाएगी। काउंटरों की स्थिति जांचने के लिए टीम भेजी जाएगी। - डॉ. बीके सिंह, सीएमओ