श्रावस्ती। जिले की सभी तहसीलों में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 66 शिकायतें आईं, जिनमें आठ का मौके पर निस्तारण किया गया। जमुनहा तहसील में जिलास्तरीय समाधान दिवस में डीएम अन्नपूर्णा गर्ग और एसपी राहुल भाटी ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
जमुनहा में 18 शिकायतें आईं, जिनमें दो का निस्तारण किया गया। हरदत्तनगर गिरंट क्षेत्र के गयादत्तपुरवा निवासी हसीना ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले पति की मौत के बाद ससुराल वालों ने उन्हें एक माह की बेटी के साथ घर से निकाल दिया। वह मायके में रह रही हैं। उन्होंने ससुराल में रहने का अधिकार और पति की संपत्ति में हिस्सा दिलाने की मांग की। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को समस्या के समाधान का निर्देश दिया। एसपी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर थानाध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
भिनगा में 21 शिकायतें आईं, जिनमें चार का निस्तारण हुआ। इकौना में 27 शिकायतें आईं, जिनमें दो का मौके पर निस्तारण किया गया। अधिकारियों को शेष शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग
जमुनहा क्षेत्र के परानपुर निवासी मंशाराम ने बताया कि एसडीएम न्यायालय ने 11 अगस्त को उनके पक्ष में आदेश दिया था। विपक्षी की याचिका हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने खारिज कर दी है। आयुक्त न्यायालय में अपील लंबित होने के बावजूद स्थगन आदेश नहीं है। उन्होंने गाटा संख्या 2074 से अवैध कब्जा हटवाकर भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग की।
राप्ती नदी पर दायां तटबंध बनाने की मांग
वीरपुर निवासी दिनेश चन्द्र ने राप्ती नदी की बाढ़ से बचाव के लिए दायां तटबंध बनवाने की मांग की। उन्होंने बताया कि हर साल बाढ़ से 80 हजार से अधिक आबादी प्रभावित होती है। करीब पांच हजार विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती है। जमुनहा तहसील, ब्लॉक, थाना और सीएचसी के संचालन में भी परेशानी होती है। मधवापुर घाट के पास कटान से मल्हीपुर-भंगहा मार्ग पर आवागमन बाधित होता है।
भूमि की पैमाइश कराने की मांग
धूमबोझी निवासी रामावती ने बताया कि गाटा संख्या 359 की 0.227 हेक्टेयर भूमि की मेड़ काटकर आसपास के लोगों ने खेत जोत लिया है। पैमाइश के लिए छह जून और तीन अक्तूबर को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने भूमि की पैमाइश कराकर न्याय दिलाने की मांग की।