कटरा। जेतवन विपश्यना ध्यान केंद्र में जारी आनापान शिविर में शनिवार को 39 बालक और 11 बालिकाओं ने प्रतिभाग किया। शिक्षक पवन सिंह और उषा दास के सान्निध्य में संचालित शिविर में बच्चों ने आनापान ध्यान विधि का महत्व समझा। पवन सिंह ने बताया कि आना का अर्थ सांस भीतर लेना और अपान का अर्थ सांस बाहर छोड़ना है। सति का अर्थ पूरी सजगता के साथ उनके साथ जुड़े रहना है। इस ध्यान विधि का उद्देश्य मन को शांत करना और तनाव, चिंता व अवसाद को कम करना है। नियमित अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है। इससे शरीर को गहन मानसिक शांति और ऊर्जा प्राप्त होती है। बच्चों को 10 से 15 मिनट तक शुरुआती अभ्यास करने की सलाह दी गई।