श्रावस्ती/तुलसीपुर। तराई में पांच दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच राप्ती नदी ने कटान तेज कर दिया है। मधवाघाट के पास कटान के साथ ही अब राप्ती वीरपुर लौकिहा गांव में फसल लगे खेतों को काट रही है। कटान के चलते पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण प्रशासन से गांव में ठोकर बनवाने की मांग कर रहे हैं।
राप्ती नदी का जलस्तर बुधवार की तरह बृहस्पतिवार को भी 127.40 मीटर पर बना रहा, इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कटान तेज हो गया। सबसे ज्यादा कटान जमुनहा तहसील क्षेत्र के वीरपुर लौकिहा गांव में देखने को मिला। राप्ती की लहरें लगभग 50 बीघा कृषि योग्य जमीन निगल गईं।
वीरपुर लौकिहा गांव निवासी सुंदर चौहान का 12 बीघा, जगतराम पासवान ने बताया कि उनका दो बीघा, बरसाती लाल, गिरवर प्रसाद विश्वकर्मा, मूने साहू, बलराज विश्वकर्मा, बाबादीन साहू का चार बीघा, गिरवर प्रसाद का चार बीघा समेत कुल 50 बीघा खेत कट चुका है।
ग्रामीणों भुजऊ व बदलूराम पाठक ने बताया कि जिला प्रशासन से वीरपुर गांव में ठोकर का निर्माण करवाने की मांग की गई है। अगर गांव में जल्द ठोकर का निर्माण नहीं करवाया गया, तो हम सभी किसान भूमिहीन हो जाएंगे।
भिनगा-मल्हीपुर मार्ग पर कीचड़ से दिक्कत
राप्ती नदी का जलस्तर भले घट गया है, लेकिन भिनगा-मल्हीपुर मुख्य मार्ग के कटान स्थल पर कीचड़ व जलभराव होने से लोगों का आवागमन प्रभावित है। राहगीर ऑटो से कटान स्थल वीरपुर तक पहुंचने के बाद कीचड़ व पानी पार करते हैं और फिर दूसरे तरफ खड़े ऑटो से अपने गंतव्य को रवाना होते हैं। राहगीर पंकज, सलमा, मुश्तकीम व रोहन त्रिपाठी आदि ने बताया कि जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।