श्रावस्ती। संत रविदास की जयंती के अवसर पर मंगलवार को जिले में विभिन्न संगठनों की ओर से अलग-अलग स्थानों पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान जहां भिनगा नगर में विशाल शोभा यात्रा निकली।
वहीं नगर के नई बाजार में कार्यक्रम का आयोजन कर संत के जीवन चरित्र के बारे में लोगों को जानकारी दी गई। भिनगा के नई बाजार में न्यायालय परिसर के सामने संत शिरोमणि रविदास की जयंती समारोह का आयोजन किया गया।
इस दौरान यहां से विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए फिर कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। जहां आयोजन समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार गौतम ने कहा कि संत रविदास का जन्म माघ पूर्णिमा को वाराणसी में हुआ था।
उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज की कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष में व्यतीत किया। इसके साथ ही हमेशा जाति-संप्रदाय से ऊपर उठकर एकता पर बल दिया।
उन्होंने मन चंगा तो कठौती में गंगा व जाति पाति पूछे नहीं कोई, हरि का भजे सो हरि का होई का मंत्र दिया। इस मौके पर सुधीर कुमार, विजय पाल गौतम, अविनाश, जनार्दन यादव, हाकिम सिंह, आशुतोष आजाद, राम अभिलाख यादव, संत कुमार बौद्ध, आनंद बाल्मीकि सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
वहीं कटरा में अपना दल की ओर से संत रविदास जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इसकी शुरुआत जिला अध्यक्ष महेंद्र पटेल ने संत रविदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि संत रविदास एक समाज सुधारक थे। उन्होंने समाज में जात पात का भेदभाव मिटाकर समाज के उत्थान के लिए कार्य किया। उनका मानना था कि सभी जन एक है।
समाज में सबको बराबर का जीने का अधिकार है। इसलिए समाज में समानता आवश्यक है। कार्यक्रम को प्रमोद पटेल, राघव राम साहू ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर शिव कुमार जयसवाल, राज कुमार मिश्र, समय दीन यादव, चंद्र प्रकाश पटेल, संजय पटेल, रमन पटेल, रमन मौर्य, बालकराम आदि मौजूद रहे।