श्रावस्ती। बैंकों की ओर से निष्क्रिय खातों में जमा रकम उसके वारिस तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। करीब चार हजार ऐसे लोग हैं, जो रकम जमा करके खाता संचालन करना ही भूल गए। अकेले इंडियन बैंक की विभिन्न शाखाओं में 50 हजार रुपये से अधिक की रकम जमा करने वाले 186 लोगों के 3.86 करोड़ रुपये जमा हैं। ऐसे लोगों को उनके रुपये वापस करने के लिए बैंक की ओर से शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
बैंकों में खाता खुलने के बाद 10 वर्ष तक यदि उसका संचालन न हो, तो बैंक उसे मृत खाता मानकर जमा रकम आरबीआई के डीईए फंड में भेज देता है। ऐसे में सरकार की ओर से आपकी पूंजी आपका अधिकार कार्यक्रम शुरू किया गया है। इससे निष्क्रिय खातों में जमा धनराशि उपभोक्ता व उसका कानूनी वारिस वापस ले सकता है।
बैंकों की ओर से शाखाओं में शिविर लगाकर लोगों के दावे मांगे जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक दावेदार बैंक नहीं पहुंच सके हैं। इंडियन बैंक की विभिन्न शाखाओं में लगभग चार हजार से अधिक खाते हैं, जिनमें 100 रुपये से लेकर लाखों रुपये तक जमा हैं। इन्हीं खातों में 186 ऐसे खाते हैं, जिनमें 50 हजार रुपये से अधिक रुपये जमा करके लोग निकालना ही भूल गए हैं।
ऐसे कर सकते हैं दावा
बैंक शाखा में जाकर केवाईसी अभिलेख जैसे- आधार, पासपोर्ट, मतदाता पहचानपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस की छायाप्रति के साथ दावा फॉर्म भरना होगा। इसके बाद बैंक की ओर से सत्यापन कराने के बाद जमा धनराशि ब्याज सहित संबंधित के खाते में भेज दी जाएगी।
पोर्टल से लें जानकारी
बैंक में जमा की गई धनराशि की जानकारी UDGAM पोर्टल व आरबीआई की वेबसाइट (https://udgam.rbi.org.in) से ली जा सकती है। पोर्टल में 30 बैंकों के खाता धारकों की जानकारी समाहित की गई है।
उपभोक्ताओं के लिए सभी बैंकों में शिविर लगाए जा रहे हैं। किसी भी बैंक की शाखा में जाकर जानकारी ले सकते हैं। साथ ही जल्द ही वृहद कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक भी किया जाएगा। किसी प्रकार की समस्या होने पर शाखा प्रबंधक से संपर्क कर सकते हैं।
-जुगल किशोर, एलडीएम