कटरा स्थित पर्यटक आवास गृह के पीछे बना बौद्ध दर्शन केंद्र।
कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती आने वाले पर्यटक व अनुयायियों को बौद्ध जीवन दर्शन लेजर व स्लाइड शो पर दिखाने की योजना परवान नहीं चढ़ पाई है। जबकि पर्यटन विभाग ने योजना पर करीब 36 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इसके लिए आई मशीन आज भी धूल फांक रही है।
पर्यटन विभाग की ओर से वर्ष 2021 में पर्यटक आवास गृह के पीछे 36 करोड़ रुपये खर्च कर बौद्ध दर्शन केंद्र का निर्माण कराया गया था। इसका उद्देश्य था कि तपोस्थली आने वाले पर्यटक व अनुयायियों को तथागत भगवान बुद्ध के जीवन चरित्र को लेजर व स्लाइड शो के माध्यम से दिखाया जाए। जिससे लोगों को बौद्ध काल के वृतांत का पता चल सके। साथ ही लेजर शो के माध्यम से भगवान बुद्ध के जीवन काल की श्रावस्ती से संबंधित कहानियों का चित्रण प्रस्तुत करना था। 2021 में निर्माण के बाद इसका ट्रायल किया गया। इसके बाद से न तो कभी यहां लेजर शो हुआ और न ही स्लाइड शो। ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी लोग योजना के लाभ से वंचित हैं। वहीं इसके लिए मंगाई गई मशीन भी धूल फांक रही है। देखरेख के अभाव में करोड़ों रुपये की लागत से बना यह भवन भी अपना मूल स्वरूप खो रहा है।
बौद्ध भिक्षु भवरानंद का कहना है कि लेजर शो के लिए मंगाई गई मशीन आज भी वैसे ही लगी है। यदि इसका संचालन हो तो लोगों को लाभ मिलेगा। वहीं बौद्ध भिक्षु देवानंद का कहना है कि पर्यटन विभाग की लापरवाही के कारण इतनी महत्वपूर्ण परियोजना परवान नहीं चढ़ पाई है। बौद्ध भिक्षु देवेंद्र थेरो का कहना है कि यदि इसका संचालन शुरू होता तो तपोस्थली आने वाले लोग भगवान बुद्ध के जीवन चरित्र व प्राचीन श्रावस्ती का दर्शन कर सकते थे। बौद्ध भिक्षुओं ने डीएम अजय कुमार द्विवेदी से हस्तक्षेप कर इसका संचालन प्रारंभ कराने की मांग की है।