श्रावस्ती। भिनगा क्षेत्र के ग्राम केवलपुर में शुक्रवार देर शाम लगभग 32 बच्चों व महिलाओं की हालत बिगड़ गई। सभी को उल्टी-दस्त शुरू हो गई। ग्रामीणों ने आननफानन सभी को एंबुलेंस से संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा पहुंचाया। सभी ने किसी जंगली फल का बीज खा लिया था।
ग्राम पंचायत केवलपुर के कुछ बच्चे मवेशियों को चराने के लिए खेत गए थे। वहीं जहरीले फल (परबतिया रेड़) का बीज खा लिया। उसका स्वाद अच्छा लगा तो तोड़कर घर भी ले गए। अन्य बच्चों व महिलाओं को भी फल के बीज दिए।
दो महिलाओं ने भी बीज खा लिया। कुछ देर बाद ही उनकी हालत बिगड़ने लगी। सभी को उल्टी व पेट दर्द की शिकायत होने पर परिजनों ने सभी को एंबुलेंस से संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा पहुंचाया। चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया। हालत सुधरने पर सभी को शनिवार सुबह घर भेज दिया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा भी पीड़ितों का हाल जानने उनके घर पहुंचे। उन्होंने बच्चों को किसी भी अनजान फल या बीज को न खाने की हिदायत दी। इस मौके पर हरिहरपुर रानी ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुभाष सत्या, उदय प्रकाश त्रिपाठी, सौरभ सिंह, सुभम सिंह चौहान व पवन शुक्ला आदि मौजूद रहे।
इन्होंने खाया था जहरीला फल
ग्राम केवलपुर निवासी लवकुश (14), सुनील (12), सूरज (8), रूपा (6), बग्गू (8), मोंटा (7), सूरज (9), लव कुमार (11), मनोहर (10), गुड्डू (7), शुभम (11), मीरा (8), सुनील (8), शिवकुमार (8), मोनू (18), अभिषेक (14), सानिया (17), सचिन (10), हरीराम (7), बुधरानी (30), माधुरी (4), सुशील (12), शिवबालक (8), संदीप (15), मीरा देवी (8), सुघरा (12), मनीषा (8), सुनील (25), सुखराजा (42), दिलीप (8), सुमन (12) व करन (14) ने जहरीला फल खाया था।
कोई फल खाने से बिगड़ी हालत
कोई जहरीला फल खाने से बच्चों व महिलाओं की हालत बिगड़ी गई थी। रात में उन्हें भर्ती रखा गया, सुबह हालत में सुधार होने पर घर भेज दिया गया है।
-डॉ. राजपाल सिंह, सीएमएस