श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बुधवार की देर रात शुरू हुआ कोहरे का दौर गुरुवार की भोर तक जारी रहा। इसके साथ ही दिन में शुरू हुई बादलों की लुकाछिपी व बदली ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है।
वहीं शाम को रिमझिम बरसात के बीच तेज बर्फीली हवा के कारण लोगों को कड़ाके की ठंड से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अलाव का सहारा लेते दिखे।
जिले में गुरुवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर ठंडा पड़ गया। बुधवार की रात शुरू हुआ घने कोहरे का दौर भोर तक जारी रहा। इसके साथ ही पूरे दिन धुंध छाई रही।
गुरुवार सुबह शुरू हुआ बादलों की लुकाछिपी का खेल पूरे दिन जारी रहा। वहीं शाम को शुरू हुई रिमझिम बरसात ने लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास दिलाया।
गरज चमक के साथ शुरू हुई रिमझिम बरसात को देख किसान ओलावृष्टि की संभावनाओं को लेकर आशंकित रहे। इसके साथ ही पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बीच चल रही तेज पश्चिमोत्तर बर्फीली हवा के कारण लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
इससे बचने के लिए जहां लोग खुद को गर्म कपड़े में समेटे नजर आए, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पूरे दिन अलाव का सहारा लेने को विवश रहे।
नगरीय क्षेत्रों में ठंड से बचाव का कोई इंतजाम न होने के कारण मेहनत मजदूरी के लिए आने वाले गरीबों को ठंड से जूझना पड़ा।
मौसम में मिजाज में अचानक आए इस बदलाव के कारण जिले का न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
इस संबंध में फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के सीनियर रिसर्च असिस्टेंट डॉ. विनोद ने बताया कि पूर्वी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव आया है।