श्रावस्ती। तराईवासियों को राप्ती नदी का कहर हर वर्ष बाढ़ और कटान के रूप में झेलना पड़ता है। जिला प्रशासन ने इससे निपटने के लिए अपनी तैयारियां अंतिम रूप दे दी हैं। जिले में 28 स्थानों पर बाढ़ शरणालयों के निर्माण का प्रस्ताव है।
जिला प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को समस्या से बचाने के लिए यह तैयारी शुरू की है। आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्रा ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दो बाढ़ शरणालयों का चिह्नांकन मॉडल के रूप में हुआ है। इनमें लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज वीरगंज और किसान इंटर कॉलेज लक्ष्मणनगर शामिल हैं। इन मॉडल शरणालयों को विकसित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। शेष बाढ़ शरणालयों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल स्थापित करने की व्यवस्था की जाएगी।
इन चिह्नित स्थानों पर बाढ़ पीड़ितों के लिए बेड, पका भोजन और चिकित्सा सुविधा होगी। सफाई व्यवस्था के साथ महिला व पुरुष शौचालय भी उपलब्ध होंगे। मनोरंजन के साधन भी रखे जाएंगे। बच्चों व बुजुर्गों के लिए अलग प्रकार के भोजन की व्यवस्था की जाएगी।