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तहसीलों में लटके 2388 प्रमाण पत्र

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श्रावस्ती। लेखपालों की ओर से जारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। रिपोर्ट न लगने से जिले में 2388 आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र तहसीलों में लटके हुए है। इन प्रमाण पत्रों के बिना लोगों को नौकरी से लेकर योजनाओं के लाभ पाने में दिक्कतें हो रही हैं।
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लेखपाल संघ अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है। इसका असर अब आम जनजीवन पर भी पड़ने लगा है। लोग अपने आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसीलों का चक्कर लगा रहे है।
देखा जाए तो जिले में कुल 2388 इस तरह के आवेदन लेखपालों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे है। इन आवेदनों में 823 आवेदन आय प्रमाण पत्र, 251 जाति प्रमाण पत्र व 1314 निवास प्रमाण पत्र के विचाराधीन है। इन आवेदनों पर क्षेत्रीय लेखपालों की रिपोर्ट लगनी है। यह वह आवेदन है जो निस्तारण की अपनी समय सीमा पूरी कर चुके है। इन प्रकार के आवेदनों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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194 सर्किल में तैनात सिर्फ 105 लेखपाल
जिले में कुल 397 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में 194 लेखपाल सर्किल हैं। इसमें से मात्र 105 लेखपाल की ही जिले में तैनात हैं। शेष सर्किल की जिम्मेदारी इन्हीं लेखपालों पर अतिरिक्त प्रभार के रूप में है। आंदोलन के पहले दिन ही लेखपालों ने अतिरिक्त 89 सर्किलों का बस्ता तहसीलों में जमाकर दिया था।
शासन को ही निकालना है रास्ता
एक लेखपाल पर कई-कई सर्किल की जिम्मेदारी है। वह अपनी मोटरसाइकिल से दिनभर सर्किल से तहसील का चक्कर लगाते है। इस पर प्रतिमाह दो से तीन हजार रुपये कम से कम खर्च हो जाता है। सरकार से उन्हें प्रतिमाह 100 रुपये नियत भत्ता ही मिलता है। ऐसे में लेखपाल कैसे काम करें। इसका रास्ता शासन को ही निकालना है। - गोविंद नाथ मिश्रा, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ
शासन स्तर पर हो रही वार्ता
लेखपालों से जिले में कई बार बात हो चुकी है। इसके बाद भी कुछ हल नहीं निकला। लेखपालों के कार्य बहिष्कार के कारण आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र का निपटारा नहीं हो पा रहा है। जल्द ही कुछ रास्ता निकलने की संभावना है। - योगानंद पांडेय, अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व)
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