श्रावस्ती। तराई में मंगलवार को एक बार फिर बादलों की लुका छिपी शुरू हो गई। कभी बदली तो कभी धूप के बीच चल रही बर्फीली हवा से मौसम का मिजाज अचानक ठंडा हो गया।
बादलों की लुकाछिपी देख किसानों के चेहरे की रंगत फीकी हो गई। विगत बरसात में गीली हुई फसल अब तक नहीं सूखी है। ऐसे में यदि फिर बरसात हुई तो फसलों का बर्बाद होना तय है।
जिले में मौसम आए दिन रंग बदल रहा है। लगातार पांच दिनों तक हुई रुक रुक कर बरसात के बाद खिली धूप देख किसान मौसम सामान्य होने की आस लगा रहे थे।
दो दिनों से निकलने वाली धूप में किसान फसलों सुखाने में लग गए थे। इसी बीच मंगलवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने एक बार फिर करवट ली। दोपहर बाद शुरू हुई बादलों की लुकाछिपी देख किसान फिर परेशान हो गए हैं।
किसानों को बरसात की संभावनाओं को लेकर फसलों के बर्बाद होने का खतरा सताने लगा है। इसके साथ ही पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी व दिन रात चलने वाली हवा से मौसम का मिजाज एक बार फिर ठंडा हो गया है।
ऐसे में यदि बरसात हुई तो पहले से ही भीगी फसलों के बर्बाद होने की संभावना बढ़ेगी। इस संबंध में फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के सीनियर रिसर्च असिस्टेंट डॉ. विनोद ने बताया कि रात के तापमान में गिरावट हो सकती है। इस बीच बरसात की संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।