श्रावस्ती। तराई में मौसम की बेरुखी जारी है। कभी चटकीली धूप, कभी रिमझिम बारिश तो कभी घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं अन्नदाताओं की दिक्कतें भी बढ़ी हैं। मौसम के मिजाज में पल-पल होने वाले इस बदलाव को देखते हुए चिकित्सक भी लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
रविवार को जहां देर रात तक रुक-रुक कर बूंदाबांदी होने से मौसम पूरी तरह ठंडा रहा, वहीं देर रात शुरू हुआ घने कोहरे का दौर सुबह नौ बजे तक जारी रहा। घने कोहरे ने जहां वाहनों की रफ्तार धीमी कर दी, वहीं सुबह करीब नौ बजे तक लोगों को वाहनों की लाइट जलानी पड़ी। इसके बाद खिली चटकीली धूप ने लोगों को पसीना-पसीना कर दिया।
मौसम के मिजाज में बार-बार हो रहे इस बदलाव से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। एक तरफ जहां कंपकंपाती ठंड से बचने के लिए घरों से बाहर निकलने वाले लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है, वहीं अचानक चटकीली धूप निकलने से गर्म कपड़ों को हाथ में लेकर घूमना पड़ रहा है। मौसम के मिजाज में बार-बार आ रहे बदलाव के कारण जहां किसानों को अपनी फसलों के बर्बाद होने का खतरा सता रहा है वहीं लोगों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ा है।
वर्जन:
इस समय तापमान में अचानक से बदलाव आ रहा है। ऐसे में संक्रामक बीमारियां जैसे वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम व बुखार का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में पूरी तरह सतर्कता बरतें। यह प्रयास करें कि तेज धूप से अचानक बिना पर्याप्त कपड़े पहने ठंडे स्थान पर न जाएं। यदि घर से कहीं बाहर जा रहे हैं तो एहतियात बरतें।
-डॉ. मुकेश मातनहेलिया, डिप्टी सीएमओ