श्रावस्ती। वसंत पंचमी पर रविवार को जिले में स्कूलों के साथ कई स्थानों पर ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा की गई। कई निजी विद्यालयों व शैक्षिक संस्थानों में कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
कई स्कूलों में मातृ सम्मेलन भी हुआ। शुभ मुहूर्त होने के कारण लोगों के घरों व अनुष्ठानों में मांगलिक आयोजन भी हुए। इस दौरान स्कूलों में बच्चों ने हे शारदे मां, हे शारदे मां, अज्ञानता से हमें तार दे मां... तथा या कुंदेन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता... आदि स्तुतियों से माता सरस्वती की प्रार्थना की।
वसंत पंचमी पर कटरा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में मां सरस्वती का पूजन किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि के रुप में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका सुमन पांडेय मौजूद रही।
उन्होंने प्रधानाचार्य लालबच्चा शुक्ला के साथ मां सरस्वती की आराधना की। इस दौरान विद्यालय में मातृ सम्मेलन भी आयोजित हुआ।
शिक्षिका सुुमन पांडेय ने कहा कि बच्चों को पहला संस्कार माता पिता से मिलता है। उनका कर्तव्य है कि वह बच्चों को विद्यालय में समय से भेजें, विद्यालय के नियमों को पालन करने के लिए बच्चों को प्रेरित करें।
प्रधानाचार्य ने कहा कि मां सरस्वती बच्चों के कंठ बसकर उन्हें ज्ञान से परिपूर्ण करें। भिनगा के स्वामी दयाल सरस्वती शिशु मंदिर, सरस्वती ज्ञान मंदिर, सत्या द आर्यन पब्लिक स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर इकौना, सिटी मांटेसरी स्कूल कटरा, सीआरबी इंटर कॉलेज, लक्ष्मननगर के शिर्डी बाल विद्यामंदिर सहित सिरसिया व मल्हीपुर के विद्यालयों में भी हवन पूजन के साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
पूजन को मंदिरों में उमड़ी भीड़
वसंत पंचमी पर इकौना के बेचू बाबा मंदिर, भिनाग के राजर्षि काली मंदिर सहित कई अन्य प्रमुख मंदिरों में मेले का आयोजन किया गया।
जहां भारी संख्या में पहुंचे क्षेत्रवासियों ने मां सरस्वती सहित आराध्य देव की पूजा अर्चना कर सुख व समृद्ध की कामना की। इस दौरान बेचू बाबा व राजर्षि काली मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में बच्चों का मुंडन संस्कार भी किया गया।
शुभ लग्न व मुहूर्त होने के कारण कई स्थानों पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों की शुरूआत हुई। वहीं विवाह के लिए लोगों ने बेटे बेटियों का फलदान व गोद भराई भी की।
चादर चढ़ाकर पेश की अकीदत
वसंत पंचमी के अवसर पर इकौना के समेगढ़ा स्थित शहीद बाबा पुरवा, भिनगा के हैय्या शाह, शहीद मर्द शाह, मानू शाह सहित विभिन्न ईदगाह व मजरों पर अकीदतमंदों ने कुरान खानी कर चादर चढ़ा कर फातिया पढ़ा।
वसंत पंचमी का महत्व
पंडित राम रंगीले तिवारी के अनुसार माघ शुक्ल पंचमी को बुद्धि की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रुप में मनाया जाता है। इस मौके पर मां सरस्वती की पूजा की जाती है।
विद्यार्थी इस दिन किताब, कापी और पाठ्य सामग्री की भी पूजा करते हैं। जिस दिन पंचमी तिथि सूर्योदय और दोपहर के बीच रहती है, उस दिन को सरस्वती पूजा के लिये उपयुक्त माना जाता है। इस दिन कई स्थानों पर शिशुओं को पहला अक्षर लिखना सिखाया जाता है।
मेधावियों का हुआ सम्मान
इकौना के तिलकनगर शिवाला पर वसंत पंचमी पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विगत वर्ष बोर्ड परीक्षा में अंग्रेजी में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले छात्रों को किताब, कापी व पेन देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान किसान नेता उमाशंकर मिश्र ने छात्रों को नकद राशि व शिक्षण सामग्री देकर पुरस्कृत किया। मौके पर अशोक मिश्रा, नानकशरन यादव, आशा पांडेय व महेंद्रप्रताप पांडेय आदि लोग मौजूद रहे।