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1795 वाद किए गए निस्तारित

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भिनगा तहसील में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मौजूद लोग। - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। व्यवहार न्यायालय परिसर सहित कलेक्ट्रेट व तहसीलों में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत में पीठासीन अधिकारियों द्वारा 1795 वाद निस्तारित किए गए। इस दौरान प्रीलिटिगेशन के 540 मामले भी निस्तारित हुए। राष्ट्रीय लोक अदालत की शुरूआत प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला जज ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश मृदुलेश कुमार सिंह ने क्रिमिनल के 02 वाद निस्तारित कर 1000 रुपये जुर्माना वसूल किया। साथ ही उनके द्वारा तीन सिविल मामलों का निस्तारित कर 4,21,575 रुपये पर समझौता किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिवकुमार सिंह द्वारा एफआर के 04 मामले, विद्युत अधिनियम के 24 मामले निस्तारित किए गए। इस दौरान उनके द्वारा 16,700 रुपए जुर्माना वसूल किया गया।
प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय के पीठासीन अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने 55 पारिवारिक मामले व धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता के 28 मामले सुलह समझौता के आधार पर निस्तारित किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससीएसटी के पीठासीन अधिकारी परमेश्वर प्रसाद द्वारा आपराधिक प्रकृति के 03 मामले निस्तारित कर 1000 रुपये जुर्माना किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शीतला प्रसाद द्वारा लघु आपराधिक के 1090 वाद निस्तारित कर 91,370 रुपये जुर्माना वसूल किया गया। सिविल जज प्रवर खंड अपर्णा देव ने फौजदारी के 80 वाद निस्तारण कर 21,610 रुपये जुर्माना वसूल किया। साथ ही उन्होंने सिविल के 05 वाद भी निस्तारित किए।
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सिविल जज ग्राम न्यायालय इकौना बृजेंद्र कुमार त्रिपाठी ने लघु आपराधिक के 33 मामले निस्तारित कर 1,060 रूपये जुर्माना वसूल किया। सिविल जज अवर खंड प्रभात सिंह ने फौजदारी के 40 मामले निस्तारित कर 17,400 रुपये जुर्माना वसूल किया। वहीं डीएम के अधीन विभिन्न राजस्व न्यायालयों द्वारा 428 वाद निस्तारित कर 16,02,209 रुपये पर समझौता किया गया। इस दौरान प्रीलिटिगेशन वादों में विद्युत बिल से संबंधित 56 वाद निस्तारित कर 95,000 रुपये पर सेटेलमेंट किया गया। सेवा से संबंधित 07 वादों का निस्तारण भी किया गया। बैंक के द्वारा प्रीलिटिगेशन के 288 वाद निस्तारित कर 4,23,06,704 रुपये पर समझौता किया गया। इस दौरान काफी संख्या में अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी व वादीकारी मौजूद रहे।
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