श्रावस्ती। जिले वासियों को जल्द ही जर्जर सड़कों से निजात मिलने की उम्मीद है। पीएमजीएसवाई के तहत 177 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए विशेष तकनीक का प्रयोग करके पक्की सड़कें बनाई जाएंगी। इससे ग्रामीणों की राह आसान होगी।
गांवों को पक्की सड़क से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत विभाग की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। फेज-4 के तहत 250 से अधिक आबादी वाले जिले के 177 गांवों का चयन किया गया है।
इन गांवों को सीजीबीएम तकनीक से बनी सड़कों से जोड़ा जाएगा, जिससे लोगों को गड्ढा मुक्त सड़क पर चलने का लाभ मिल सके। ये सड़कें लंबे समय से टिकाऊं रहेंगी। इनकी मरम्मत भी आसान होगी।
क्या है सीजीबीएम तकनीक
सीमेंट ग्राउटेड बिटुमिनस मिक्स (सीजीबीएम) तकनीक से सड़क बनाने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया डामर मिश्रण बिछाया जाता है, जिससे संरचना तैयार होती है। बिछाई गई डामर की परत के खाली स्थानों में सीमेंट ग्राउट (सीमेंट, रेत, पानी, योजक) का घोल डाला जाता है। इससे मजबूत जलरोधी व लचीले परत का निर्माण होता है, जिससे सड़क में डामर का लचीलापन और कंक्रीट की कठोरता का गुण होता है।
यह होगा लाभ
सीजीबीएम तकनीक से बनी सड़क में गड्ढे नहीं बनते, नमी से होने वाला नुकसान काफी कम हो जाता है। जोड़ रहित, जलरोधी सतह होने से पानी का रिसाव नहीं होता। यह पारंपरिक डामर की सड़क की तुलना में अधिक बेहतर व भार वहन क्षमता युक्त होती है।
जल्द निर्माण शुरू होने की है उम्मीद
विभाग की ओर से फेज-4 के तहत गांवों का चयन करके सूची शासन को भेज दी गई है। धन का आवंटन होने के बाद चयनित गांवों में निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
-सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई