श्रावस्ती। ऐसा जनप्रतिनिधि चुना जाना चाहिए जो अपने क्षेत्र के विकास पर ध्यान दें। हर छोटी-छोटी समस्या को गंभीरता से ले और उसे दूर कराए। महिलाओं की सुरक्षा पर खास ध्यान दे और ऐसा कुछ करे ताकि हर तबके के लोगों को उचित शिक्षा मिल सके।
बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराने में रुचि रखने वाला ही जनप्रतिनिधि होना चाहिए। ये बातें सोमवार को अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत संयुक्त जिला चिकित्सालय में आयोजित मतदाता जागरूकता संवाद के दौरान चिकित्सकों ने रखी। हमारा सांसद कैसा हो, इस सवाल पर सभी ने अपना पक्ष रखा।
लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय में ओपीडी के बाद लगभग एक घंटे तक मंथन हुआ। इसका सार यह सामने आया कि हमारा नेता शिक्षित होने के साथ ही संवेदनशील और विषयवस्तु की जानकारी रखने वाला हो।
ज्यादातर चिकित्सकों का मानना रहा कि राजनीतिक दल क्षेत्र में प्रत्याशी उतारने से पहले जातीय समीकरण देखते हैं, उनकी योग्यता नहीं। ऐसे दल व जन प्रतिनिधियों के लिए भी कानून बने। इस कानून के तहत जन नेताओं की न्यूनतम शैक्षिक अर्हता निर्धारित हो। मजहबी खांचों में न बटने वाले बेदाग व शिक्षित प्रत्याशी को ही वोट देना चाहिए।
स्वयं मतदान कर लोगों को भी मतदान के लिए जागरूक करना होगा। प्रतिनिधि चयन से पूर्व हमें देखना चाहिए कि जिसका चरित्र व व्यक्तित्व अच्छा हो, जो जातिगत राजनीति से परे हो, जिले के विकास को प्राथमिकता दे, उसे ही वोट दें।
-डॉ. यूसी तिवार सीएमएस
मतदान हमारा संवैधानिक कर्तव्य है। इसलिए हम जाति, धर्म व क्षेत्रवाद से परे हो ऐसे प्रतिनिधि का चुनाव करें जो क्षेत्र की समस्याओं को संकलित कर उसे सदन में गंभीरता से उठाकर क्षेत्र का विकास कर सके। उसे ही हम मत देंगे।
-डॉ. ध्रुव कुमार मिश्रा
हमारा जिला विकास में सबसे पिछड़ा है। जाति-धर्म की राजनीति से परे, शिक्षित और क्षेत्र की समस्याओं को अपने स्तर से दूर करने व जिले का विकास करने वाला हो हमारा प्रतिनिधि। ऐसे ही प्रत्याशी को अपना बहुमूल्य वोट दें।
-डॉ. आलोक कुमार सिंह
ऐसा प्रतिनिधि जिसे क्षेत्र की जनता से लगाव हो, जो जाति व धर्म के आधार पर नहीं, विकास को ही प्राथमिकता देता हो। सदन में निर्भीक हो क्षेत्र की समस्या उठाकर उसके निराकरण के लिए प्रयास करे, ऐसे जनप्रतिनिधि को ही वोट दें।
-शैलेश
सभी को अनिवार्य रूप से मतदान करना चाहिए। नेताओं के चयन में क्षेत्र अथवा जाति धर्म से परे होकर ऐसा प्रतिनिधि चुनना चाहिए जिसेे क्षेत्र ही नहीं देश, प्रदेश व राष्ट्र सहित विश्व की जानकारी हो। तभी वह क्षेत्र का विकास ठीक से कर सकेगा।
-देवेश
हमें सिर्फ ऐसे प्रतिनिधि को चुनना चाहिए जो जनभावना का सम्मान कर क्षेत्र के विकास में सहयोग करे। प्रत्येक मतदाता को अपने प्रतिनिधि से बड़ी अपेक्षाएं होती हैं। जो जाति-धर्म से परे हो जनभावनाओं पर खरा उतरे, वहीं हमारा प्रतिनिधि होगा।
-डॉ. पारितोष विशेन
हमें ऐसे प्रतिनिधि को चुनना चाहिए जिसकी जनता में स्वच्छ छवि होने के साथ ही वह कर्मठ, इमानदार और जनता के प्रति जवाबदेह हो। जिले के विकास के प्रति संवेदनशील हो। ऐसे ही प्रत्याशी को वोट देना चाहिए।
-डॉ. इमरान मोईद
आज कम लोग ही मतदान करते हैं। हमें मतदान 80 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए क्षेत्र में शिक्षा व खेल के माध्यम से लोगों को मतदान के लिए जागरूक करना होगा। मतदान प्रतिशत बढ़ा तो नेता स्वयं विकास के प्रति गंभीर हो क्षेत्र की समस्या दूर करने को बाध्य होंगे।
-डॉ. वीएन वर्मा
हमारा सांसद कर्मठ व इमानदार होने के साथ ही अपने कामों की जांच करने वाला होना चाहिए। वह चाहे स्थानीय हो अथवा बाहरी। विकासशील हो, क्षेत्र की समस्याओं के प्रति गंभीर हो, भ्रष्टाचार पर रोक लगा सके, उसे ही वोट देना चाहिए।
-डॉ. अरविंद कुमार
हमें भावनाओं में न बहकर लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए पंथनिरपेक्ष हो मतदान करना चाहिए। वोट उसे ही दें जो जिले में उच्च शिक्षा, स्वच्छ पेयजल के साथ क्षेत्र की समस्याओं को दूर करे तथा जरूरत पर जनता को आसानी से मिले।
-डॉ. एनएन पांडे