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राप्ती में समाए 150 बीघा खेत

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श्रावस्ती। नेपाल के पहाड़ों सहित जिले में बरसात थमी हुई है। इससे राप्ती का जलस्तर सामान्य से नीचे पहुंच गया है। घटते जलस्तर के साथ नदी की धाराओं ने अपने किनारों पर कटान तेज कर दी है। नदी ने गुरुवार को किनारों पर करीब 150 बीघा खेत को काटकर अपनी लहरों में समाहित कर लिया। कटान के कारण मधवापुर घाट के निकट भिनगा मल्हीपुर मार्ग आधे से अधिक कट चुका है। इसे बचाने की कवायद लगातार जारी है। वहीं नदी कलकलवा गांव में नोमैंस लैंड पर लगे पिलर को अपने में समाहित करने के लिए धीरे धीरे कटान कर आगे बढ़ रही है।
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जिले में कई दिनों से बरसात न होने के कारण राप्ती बैराज पर राप्ती नदी का जलस्तर सामान्य से नीचे आ चुका है। वहीं घटते जलस्तर के साथ ही नदी ने कटान तेज कर दिया है। राप्ती भिनगा मल्हीपुर मार्ग स्थित मधवापुर घाट के निकट मुख्य मार्ग को काट रही है। यहां मार्ग को कटान से बचाने के लिए प्रशासन की ओर से प्रयास जारी है। इसके बावजूद कटान थम नहीं रही। यहां नदी की लहरों ने गुरुवार दोपहर बाद तक मुख्यमार्ग का काफी हिस्सा काट लिया था। यहां सड़क का कुछ हिस्सा ही और शेष बचा है।
कटान का यही हाल रहा तो शुक्रवार तक नदी मुख्यमार्ग का वजूद मिटा सकती है। वहीं नदी की लहरें जमुनहा क्षेत्र में कलकलवा गांव के निकट नोमैंस लैंड स्थित पिलर संख्या 642/13 बी को अपने में समाहित करने के लिए धीरे धीरे कटान करती हुई आगे बढ़ रही है। यहां नदी की धारा से पिलर एक मीटर से भी कम दूरी पर रह गई है।
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जिसे बचाने की अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। वहीं नदी की लहरें अशरफनगर में अब गांव को काटने के लिए आगे बढ़ रही है। जिसे देख ग्रामीण स्वयं अपने हाथ अपने आशियाने ढहा रहे हैं। इसके साथ ही उत्तमापुर, नरैनापुर, वीरपुर लौकिहा, जिगरिया, चहलवा, भौंसावा, सर्रा, पिपरहवा, बहोरवा सहित कई अन्य गांव में करीब 150 बीघा खेत फसल सहित राप्ती की धारा में समा गए।
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