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दो साल बाद भी नहीं शुरू हो सके बीएसएनएल टावर

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श्रावस्ती। सीमा क्षेत्र के गांवों में रहने वालों को मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझना पड़ रहा है। दो वर्ष पूर्व बन कर तैयार हुए बीएसएनएल के दो टावर आज भी विद्युतीकरण न होने के कारण शो पीस बने हैं।
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इंडोनेपाल सीमा क्षेत्र पर बसे सिरसिया व जमुनहा ब्लॉक क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में आज भी लोग मोबाइल का समुचित लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

इन क्षेत्र के ग्रामीणों सहित सीमा सुरक्षा बल के जवानों को आज भी बीएसएनएल के सहारे बात करने के लिए ऊंचे स्थान, घरों की छतों अथवा पेड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।

इतना ही नहीं भचकाही सहित सीमा क्षेत्र के करीब 24 ऐसे गांव भी हैं जहां लोगों को बात करने के लिए पेड़ों पर चढ़ना पड़ता है। इसके बावजूद उन्हें सुचारु ढंग से बात करने में असुविधा होती है।
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इस समस्या से निजात के लिए दो वर्ष पूर्व सिरसिया के लालबोझी व हेमपुर गांव में बीएसएनएल ने टावर का निर्माण कराया था, लेकिन इसका संचालन अब तक नहीं हो सका है।

इसका कारण विद्युतीकरण न होना है। ऐसे में लोगों की दुश्वारियां बरकरार है। इस संबंध में बीएसएनएल के जेटीओ शकील बताते हैं कि हेमपुर व लालबोझी में बने टावर में विद्युत कनेक्शन के लिए साढ़े तीन लाख रुपये जमा किया जा चुका है।
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