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एक बल्ब जलाने का प्रतिमाह बिल 3200 रुपये

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श्रावस्ती। बिजली निगम की लापरवाही के चलते केवल उपकेंद्र भिनगा में ही 375 गरीब बिजली बिल के बोझ के नीचे दबे हुए हैं। सुबह होते ही ये गरीब फटे-पुराने बिल लेकर अधिशाषी अभियंता की चौखट पर खड़े हो जाते हैं।
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इसके बाद भी बिल में सुधार नहीं हो रहा है। निगम गांवों में मुश्किल से एक बल्ब जला पाने वाले गरीबों को 3200 रुपये का बिल थमा रहा है।

गांवों में केंद्र सरकार की कई योजनाएं घर-घर बिजली पहुंचा रही हैं लेकिन अब यही बिजली उनके घरों में रोशनी के बजाए उनकी कमर तोड़ रही है।

मामला कुछ ऐसा है कि गांव में विद्युतीकरण के बाद बीपीएल कार्ड धारकों को निशुल्क कनेक्शन दिए गए। इसके बाद ज्यादातर गरीबों ने घर में बड़ी मुश्किल से एक-एक बल्ब लटका लिया लेकिन उनके पैरों तले की जमीन तब खिसक गई जब विभाग ने उन्हें एक माह का बिल 3200 रुपये भेजा।

इतना बड़ा बिल पाकर ज्यादातर गरीबों ने बिजली का तार नोच कर घर से फेंक दिया। इसके बाद भी उन्हें लगातार प्रतिमाह 3200 का बिल मिलता रहा।

जब वे इस बिल को लेकर भिनगा उपकेंद्र गए तो वहां पता चला कि उन्हें नियम-17 रूरल के तहत कनेक्शन मिलना था। जिसमें उन्हें औसतन प्रतिमाह 150 रुपये ही बिजली बिल के रूप में देने थे लेकिन उनका कनेक्शन दूसरे नियमों के तहत हो गया।
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इस जानकारी के बाद जब उपभोक्ता अधिशाषी अभियंता के कार्यालय में बिजली बिल सुधार व रूरल के तहत विद्युत कनेक्शन देने की मांग को लेकर पहुंचे तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

विद्युत उपकेंद्र भिनगा में ही 375 ग्रामीण ऐसे जुट गए जिनका कनेक्शन नियम-17 रूरल के तहत न होकर किसी अन्य नियम के तहत हो गया।

ऐसा ही मामला लेकर एक महिला पहुंची। शिवगढ़ कला निवासी सूर्य लाल गुप्ता पुत्र संत प्रकाश को भी बीपीएल के तहत निशुल्क कनेक्शन मिला था। कनेक्शन मिलने के बाद ही उसकी मौत हो गई।

अपने पीछे वह दो छोटे बच्चे व पत्नी के साथ अपनी गरीबी छोड़ गया था। इसी बीच उसकी पत्नी को जो बड़ी मुश्किल से अपने बच्चों का पेट भर पा रही थी, 3200 रुपये प्रतिमाह का बिल कर्मचारियों ने थमा दिया।

जबकि उसका दावा है कि पति की मृत्यु के बाद उसके पास कभी इतना पैसा ही नहीं आया कि वह दस रुपये से फ्यूज बल्ब बदलवा सके।

इसके बावजूद उसके ऊपर प्रतिमाह 3200 का विद्युत बिल चढ़ रहा है। ऐसे ही कई अन्य गांव के गरीब उपभोक्ता हैं जिन्होंने ऐसे बिलों के डर से अपने घरों का कनेक्शन नोच कर फेंक दिया।

ग्रामीण क्षेत्रों में बीपीएल के तहत किसी भी व्यक्ति का प्रतिमाह का बिल 3200 रुपये नहीं हो सकता है। किसी त्रुटि के तहत ही ऐसा हुआ होगा। ऐसे बिल को सुधारा जा सकता है। यदि पीड़ित मेरे पास आए तो उनकी मदद होगी।
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-रमा शंकर मौर्या, अधिशाषी अभियंता, पावर कार्पोरेशन
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