श्रावस्ती। नेपाल बार्डर की सीमा पर बसे गांवों का अब वृहद विकास होगा। इसके लिए दो करोड़ नौ लाख रुपये का बजट बार्डर एरिया डेवलेपमेंट प्रोग्राम के तहत मिला है।
इस बजट से तीन विकास खंड के दस पंचायतों में विकास कार्य होंगे। एक स्थान पर पंचायत उद्योग स्थापित करने के लिए भवन का निर्माण होगा।
इसी प्रोग्राम के तहत अगले वित्तीय वर्ष में भी विकास कार्य कराने के लिए प्रस्ताव भी लिए जा रहे हैं। इंडो-नेपाल सीमा से लगभग 48 ग्राम पंचायतें सटी हैं। गांव सीमावर्ती होने के कारण जंगल से जुड़े हुए हैं।
इन गांवों में आवागमन की भी ठीक से व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि कई गांव ऐसे हैं जो अन्य हिस्सों से कटे हुए हैं। यहां आने जाने के लिए जंगली रास्तों को पार करना पड़ता है।
विकास कार्य कराने के लिए बीएडीपी योजना के तहत इस वर्ष दो करोड़ नौ लाख रुपये मिला है। हरिहरपुररानपी विकास खंड के ककरदरी में 41 लाख से 911 मीटर आरसीसी पुलिया का निर्माण होगा।
सिरसिया में सोहेलवा जंगल में आने जाने के लिए भचकाही के पास 27.18 लाख से आरसीसी काजबे, सोनपथरी नाला पर 20.66 लाख से आरसीसी पुलिया का निर्माण कराया जाएगा।
जबकि जमुनहा के बेजलरी गांव में 14.40 लाख से प्राथमिक विद्यालय व 14.26 लाख से उच्च प्राथमिक विद्यालय जमुनहा में बाउंड्रीवॉल का निर्माण होगा।
सिरसिया के उच्च प्राथमिक विद्यालय विशुनापुर बनकट में 10.71 लाख से बाउंड्रीवॉल व प्राथमिक विद्यालय चौबेपुर में 10.59 लाख से बाउंड्रीवॉल का निर्माण होगा।
हरिहरपुररानी के प्राथमिक विद्यालय मछरिहिवा में 4.85 लाख से शौचालय निर्माण व सिरसिया के ग्राम पंचायत अहलादनगर में 48.05 लाख की लागत से पंचायत उद्योग का भवन का निर्माण कराया जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिल सके।
इस पंचायत उद्योग में मसाला उद्योग स्थापित करने का प्रस्ताव पहले से ही विचाराधीन है। इस संबंध में डीएम दीपक मीणा ने बताया कि सीमावर्ती ग्रामों में विकास के लिए प्रस्ताव भेजा गया था।
इस प्रस्ताव पर विकास कार्य के दो करोड़ नौ लाख रुपये का बजट मिला है। इसके साथ ही नेपाल सीमा से सटे गांवों में कुछ और कार्य कराने के लिए प्रस्ताव पंचायत से मांगा गया है। प्रस्ताव मिलते ही उन्हें भी अनुमोदन के लिए शासन को भेजा जाएगा।