श्रावस्ती। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को जल्द अपने भवन मिलेंगे। इसके लिए सीएसआर फंड से लगभग चार करोड़ रुपये मिलने वाले है। इस धन से जिले में सौ आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे। इसके लिए पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने अपनी मंजूरी दे दी है। निर्माण के लिए स्थान का सत्यापन व कार्रदायी संस्थाओं के चयन की प्रक्रिया की जा रही है।
पांच वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों को गैर परंपरागत शिक्षा देने के साथ किशोरियों व गर्भवती को कुपोषण से दूर करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र काम करते हैं। यह केंद्र धीरे धीरे सशक्त होते जा रहे है। इस पर महिलाओं व बच्चों का कुपोषण दूर करने की भी जिम्मेदारी है। इसके बाद भी अभी तक जिले में सभी पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्र के भवन नहीं बन पाए हैं।
बजट का अभाव होने के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ के नीचे आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं, या फिर कार्यकर्ता अपने घर से ही केंद्र संचालित कर सेवाएं दें रही हैं। पर्याप्त जगह व सार्वजनिक स्थान न होने के कारण कभी कभी जो सुविधाएं महिलाओं व युवतियों को मिलनी चाहिए, वह उन्हें नहीं मिल पाती है। इसी लिए प्रशासन की ओर से कुछ दिन पूर्व पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन से सीएसआर फंड की मांग की गई थी।
इस मांग के बाद पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने जिले में सौ आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए पैसा देने की सहमति प्रदान की है। इसके लिए लगभग चार करोड़ रुपये कॉर्पोरेशन देगा। इस स्वीकृति के बाद प्रशासन आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लिए स्थान व कार्रदायी संस्था का चयन करने में लगा हुआ है। जल्द ही जिले के सौ ग्राम पंचायतों में अपना आंगनबाड़ी केंद्र होगा। जहां महिलाओं, किशोरियों व बच्चियों को कुपोषण से मुक्ति करने के लिए सुविधाएं मिलेंगी।
सीडीओ अवनीश राय ने कहा कि पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने कॉरपोरेट सोशल रेस्पांसिब्लिटी के तहत पैसे देने की स्वीकृति दी है। अभी कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं। जल्द ही औपचारिकता पूरी करा कर निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
925 में 665 के पास ही अपना भवन
जिले में कुल 925 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से 665 केंद्र स्वयं के भवन में संचालित हो रहे हैं। जबकि 265 प्राथमिक विद्यालय व अन्य स्थानों पर संचालित हो रहे हैं। 265 आंगनबाड़ी केंद्रों के पास न तो अपना सामान रखने के लिए कोई जगह है और न ही एमडीएम बनाने का स्थान। यदि सीएसआर फंड से सौ आंगनबाड़ी केंद्र बन जाते हैं तो मात्र 165 आंगनबाड़ी केंद्र ही अन्य स्थानों से संचालित होंगे।
केंद्रों पर होते यह कार्य
आंगनबाड़ी केंद्रों में महिला व किशोरी के स्वास्थ्य की जांच, टीकाकरण, पांच साल से कम उम्र के बच्चों को स्कूल पूर्व की शिक्षा, अनुपूरक पोषाहार, पोषण एवं स्वास्थ्य सेवा के साथ निर्देशन एवं संदर्भ सेेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।