सड़कों पर दौड़ लगाने को मजबूर युवा
गढ़ीपुख्ता। गांव दुल्लाखेड़ी एवं आसपास के गांवों के युवा स्टेडियम के अभाव में सड़कों पर दौड़ लगाकर भर्ती की तैयारी करने को मजबूर हैं। सड़कों पर सुबह-शाम की यह दौड़ युवाओं के लिए हादसे का सबब बन सकती है। स्टेडियम नहीं होने से खेल प्रतिभाएं भी आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
गढ़ीपुख़्ता कस्बे के अलावा क्षेत्र के गांव में भाट्टू ,मानकपुर, पलठेड़ी, राझड़ ,गढ़ीअब्दुल्ला खां, पेलखा आदि गांवों के युवाओं के लिए दौड़ने, खेलने एवं व्यायाम करने के लिए स्टेडियम का अभाव है। सभी नौजवान 12 मई को मुजफ्फरनगर में प्रस्तावित भर्ती की तैयारी के लिए सड़क पर दौड़ने को मजबूर हैं। सड़कों पर यह दौड़ युवाओं के लिए मुसीबत भरी हो सकती है। पहले भी कई बार कई युवा वाहनों से टकराकर घायल हो चुके हैं। दुल्लाखेड़ी के युवाओं ने बताया उनके गांव में खेल का कोई मैदान नहीं है। उन्होंने गांवों में स्टेडियम के निर्माण की मांग की है।
बोले युवा...
रवि का कहना है कि उनके गांव में सर्वहितकारी जूनियर हाई स्कूल के पीछे लगभग 12 बीघे जमीन है। इस पर दौड़ने के लिए ट्रैक बना दिया जाए तो युवाओं को लाभ होगा।
- अनुज चौहान ने बताया कि सेना की भर्ती मुजफ्फरनगर या सहारनपुर होती है। शामली जनपद में भी भर्ती होनी चाहिए। इससे जिले युवाओं को लाभ मिलेगा।
कार्तिक चौहान ने बताया कि सरकार की तरफ से गांव में जिम एवं खेल की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि युवाओं को सड़कों दौड़ना न पड़े।
शुभम ने बताया कि ग्राम प्रधान को कई बार नौजवानों के लिए खेल मैदान के लिए अवगत कराया, लेकिन सरकारी जमीन पर कोई खेल मैदान नहीं बनाया गया। युवाओं को खेल सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं।
अक्षय का कहना है कि गांव में कोई खेल मैदान नहीं है। युवाओं को सड़कों पर दौड़ना पड़ता है। किसी के भी साथ कोई भी हादसा हो सकता है।
- हरिओम का कहना है कि आसपास के क्षेत्र में बड़े स्टेडियम की सुविधा होनी चाहिए। खेल सुविधाओं के अभाव में प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पाती हैं।
कपिल का कहना है कि जिले में खेलों का एक ट्रेनिंग सेंटर शुरू करना चाहिए। नजदीकी प्रदेश हरियाणा खेलों में काफी आगे बढ़ गया है। सुविधाएं मिलें तो जिले के युवा भी नाम रोशन कर सकते हैं।