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Shamli News: तुम्हारा भाई पकड़ लिया है, 20 हजार भेज दो

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- नौकरीपेशा को ठगने का प्रयास, भाई की गिरफ्तारी का डर दिखाया
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- जागरूकता से नौकरीपेशा ठगी से बचा
साइबर क्राइम...
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। साइबर के शातिर लोगों से नए-नए तरीकों से ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। साइबर ठग व्हाट्सएप कॉल कर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी करने की कोशिश करते हैं। शहर के फव्वारा चौक के पास रहने वाले प्राइवेट नौकरीपेशा शादाब को अनजान नंबर से कॉल कर उसके भाई को दिल्ली में पकड़ने का डर दिखाकर बीस हजार रुपये ठगने का प्रयास किया मगर जागरूकता के कारण शादाब ठगे जाने से बच गया।
शादाब ने बताया कि उसके पास अनजान नंबर से मंगलवार को व्हाट्सएप पर कॉल आई। काल करने वाले ने कहा कि तुम्हारा भाई चोरी के मामले में दिल्ली में पकड़ा गया है, पुलिस का दरोगा बोल रहा हूं। बीस हजार रुपये ला दो, भाई को छोड़ देंगे। साइबर ठगी की आशंका को लेकर शादाब बहकावे में नहीं आए और रुपये डालने से इनकार कर दिया। कहा कि पुलिस से भी मामले की शिकायत की जाएगी।
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- इस तरह फंसाते हैं साइबर ठग
साइबर एक्सपर्ट संजीव भटनागर के अनुसार, साइबर के ठग लोगों को व्हाट्सएप कॉल करते हैं। व्हाट्सएप की डीपी पर पुलिस की वर्दी वाले किसी व्यक्ति की फोटो होती है। काॅल करने वाले लोगों को बताते है कि उनके पुत्र, परिचित या रिश्तेदार किसी गलत कार्य में पुलिस ने पकड़ लिया है। अगर उसे जेल जाने से बचाना है तो कुछ खर्चा करना पड़ेगा। अगर कोई इस झांसे में आता है तो साइबर ठग बैंक खाता नंबर बताकर उसमें पैसे मंगाते हैं।
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डिजिटल अरेस्ट के मामले सामने आते रहते हैं। डिजिटल अरेस्ट कानून में कोई शब्द नहीं है। लोगों को इससे नहीं घबराना चाहिए। अगर कोई इस तरह की काॅल करता है तो उसके झांसे में न आएं। पहले अपने परिजन व परिचित से फोन पर बात करें और इसकी जानकारी पुलिस या साइबर सेल को दें। साइबर सेल ऐसे मामलों में कार्रवाई करेगी। लोग शिकायत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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