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केवल आसान करना मात्र ही योग नहीं: राजकुमार

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योग का प्रशिक्षण देते राजकुमार। - फोटो : SHAMLI
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शामली। केवल आसन करना मात्र ही योग नहीं है। योग के आठ अंग होते हैं। इनमें यम, नियम के बाद आसन आता है। इनके उपरांत प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि आते हैं। प्रत्येक का पालन करते हुए अगले चरण में जाना होता है। तभी योग का संपूर्ण लाभ मिल पाता है।
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सीएचसी शामली और कुड़ाना के योग प्रशिक्षक राजकुमार बताते हैं कि आम धारणा बन गई है कि केवल आसन करना ही योग है, लेकिन यह गलत धारणा है। योग के पहले अंग यम के अंतर्गत सत्य, अहिंसा, अस्तेय और ब्रह्मचर्य आता है। जबकि दूसरे अंग नियम के अंतर्गत शौच, संतोष, तप, स्वाध्याय और ईश्वरप्रणिधान आता है। इन सभी को जीवन में अपनाने के बाद ही आसन को अपनाते हुए योग के शेष अंगों को क्रमश: अपनाना चाहिए। योग में सभी बीमारियों का मूल कारण मानसिक असंतुलन को माना गया है।
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स्वयं बीमार हुए तो योग की तरफ हुआ रुझान
शामली: सहारनपुर जिले के गागलहेड़ी कस्बे के पास गांव ढाला माजरा के निवासी राजकुमार 2019 से शामली और कुड़ाना सीएचसी में योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने लगभग दस वर्षों तक अध्यापन किया। वह बताते हैं कि 1992 में वह बीमार हुए तो प्राकृतिक चिकित्सा और योग से उन्हें लाभ हुआ। तब से उनका झुकाव योग की तरफ हो गया। इसके बाद उन्होंने गुरुकुल कांगड़ी विश्व विद्यालय हरिद्वार से योग में परास्नातक किया और योग प्रशिक्षण में जुट गए।
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एक माह से चल रहा ऑनलाइन प्रशिक्षण
शामली: योग प्रशिक्षक राजकुमार करीब एक माह से ऑनलाइन निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। सुबह-शाम उनकी योग की कक्षाएं चलती हैं। वह इन कक्षाओं में योगाभ्यास के साथ ही परामर्श भी देते हैं। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी इसम पाल सिंह के निर्देशन में योग वेलनेस सेंटर शामली व कुड़ाना से कक्षाओं का संचालन होता है। वह बताते हैं कि इच्छुक व्यक्ति ऑनलाइन कक्षा से जुड़ सकते हैं।
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