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यमुना नदी हुई मैली, असंतोष

Sun, 16 Dec 2018 11:20 PM IST
Deepak Sharma शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
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problem - फोटो : अमर उजाला
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कैराना। फैक्टरियों का प्रदूषित पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का पानी एक बार फिर से काला हो गया है। जिस कारण जलीय जंतुओं पर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। साथ ही यमुना के पास स्थित किसानों द्वारा की गई खेती में प्रदूषित पानी आने के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से फैक्टरियों के प्रदूषित पानी को यमुना में छोड़ने पर रोक लगाने की मांग की है।
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यमुना से खादर क्षेत्र के किसानों की फसलें हरी-भरी रहती है। एक ओर केंद्र सरकार देश की नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वही यमुना नदी में कई फैक्टरियों का प्रदूषित पानी छोड़े जाने के कारण इसका अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है। पूर्व में कई बार यमुना में काला प्रदूषित पानी आने के कारण लाखों मछलियां मर गई थीं।

शनिवार को यमुना में फिर से काला प्रदूषित पानी आना शुरू हो गया है। यमुना में प्रदूषित पानी आने के कारण तटवर्ती गांवों के किसानों की फसलों को नुकसान होने की आशंका बनी है, वहीं यमुना में रहने वाली मछलियों व अन्य जलीय जंतुओं का जीवन भी खतरे में पड़ गया है। इस मामले में समाजसेवी पूर्व में कई बार उच्चाधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाता है। इस संबंध में ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि यमुना में पहले भी काला पानी आया था। वे मामले की जांच कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे।
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