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Shamli News: यमुना खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर ऊपर बह रही

Thu, 13 Jul 2023 01:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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कैराना में यमुना की बाढ का रौद्र रूप
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कैराना। यमुना की बाढ़ ने जहां तटवर्ती किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया तो वहीं यमुना की बाढ़ का शोर करता पानी लोगों के दिलों में सिहरन पैदा कर रहा है। बुधवार सुबह यमुना का जलस्तर बढ़ कर खतरे के निशान 231.5 मीटर से 75 सेमी अधिक 232.25 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में कुछ कमी दर्ज की गई, लेकिन क्षेत्र में भारी बरसात के चलते केंद्रीय जल आयोग ने यमुना का जलस्तर और अधिक बढ़ने की चेतावनी जारी की है।
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मंगलवार सुबह नौ बजे हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा तीन लाख 20 हजार 893 क्यूसेक (घन फुट) चल रही थी। जिसके चलते मंगलवार शाम तक यमुना का जलस्तर समुद्र तल से 232 मीटर ऊपर बह रहा था, जबकि खतरे का निशान 231.5 मीटर पर है। खतरे के निशान को पार करने के बाद यमुना ने क्षेत्र में अपना रौद्र रूप दिखाया था।
यमुना में बाढ़ के कारण सहपत के पास तटबंध का करीब 40 मीटर हिस्सा पानी में बह जाने के कारण हजारों बीघा फसल में पानी भर गया था। हरियाणा के सनौली गोशाला में बाढ़ के कारण सात गोवंशों की मौत हो गई थी। मंगलवार दोपहर दो बजे भी यमुना में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा 2 लाख 56 हजार 925 क्यूसेक थी। जिसके चलते बुधवार सुबह यमुना के जलस्तर में और वृद्धि हो गई। बुधवार सुबह यमुना नदी का जलस्तर 232.25 मीटर पर उछालें मार रहा था।
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वहीं, केंद्रीय जल आयोग ऊपरी यमुना नदी भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा भी यमुना का जलस्तर और बढ़ने की चेतावनी जारी की गई है। बुधवार को हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में कुछ कमी दर्ज की गई है। यमुना नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण किसानों व आसपास के ग्रामीणों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। यमुना किनारे मौजूद किसानों की सभी फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं हैं।
वहीं लगातार यमुना के जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन के साथ ही केंद्रीय जल आयोग की टीम भी अलर्ट मोड पर है। तहसीलदार गौरव सांगवान ने बताया कि बढ़ते यमुना के जलस्तर को देखते हुए तहसील स्तर पर एक्टिविटी बढ़ा दी गई है। किसानों व ग्रामीणों को यमुना से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है। उन्होंने यमुना किनारे के गांव रामडा, नगलाराई, हैदरपुर व खुरगान आदि का निरीक्षण किया गया है। कहीं पर भी तटबंध टूटने व गांवों में यमुना का पानी घुसने की सूचना नहीं हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
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