रेनू तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
शामली में मुख्य विकास अधिकारी की अनुबंधित कार हटने पर विवाद गरमा गया। डीआरडीए के सहायक अभियंता ने आरोप लगाया कि सीडीओ ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने उच्चाधिकारियों को अपना इस्तीफा भी भेज दिया। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि सहायक अभियंता राजनीति कर रहे हैं, उन्होंने कोई दुर्व्यवहार नहीं किया, बल्कि साजिश के तहत उनकी अनुबंधित कार हटवा दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी रेनू तिवारी को अनुबंधित कार मिली हुई थी। करीब आठ महीने से कार स्वामी को भुगतान नहीं मिल रहा था। वह कई बार भुगतान दिलाने की मांग कर चुका था। मुख्य विकास अधिकारी तीन दिन पूर्व अवकाश पर चली गई। इसी दौरान कार स्वामी ने अपनी कार हटा ली। बृहस्पतिवार को सीडीओ लौटी, तो मालूम चला कि उनकी कार हटा दी गई है। इसके बाद वह एक अन्य अधिकारी की कार मंगवाकर कार्यालय पहुंची। कार्यालय में पहुंचने पर डीआरडीए (जिला ग्राम्य विकास अभिकरण)के सहायक अभियंता दिनेश सिंघल के साथ कार हटने को लेकरर उनकी कहासुनी हो गई।
वहीं, सहायक अभियंता दिनेश सिंघल ने अपने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि कार हटने की वजह से सीडीओ ने उन्हें अपने दफ्तर में बुलाया और दुर्व्यवहार किया। इस स्थिति में वह नौकरी नहीं कर सकते हैं। कहा कि 31 दिसंबर 2017 तक उन्हें सेवानिवृत्त करने का कष्ट करें और इस अवधि में अर्जित अवकाश स्वीकृत कराया जाए। इसकी प्रतिलिपि जिलाधिकारी के अलावा संयुक्त विकास आयुक्त सहारनपुर मंडल और ग्राम्य विकास आयुक्त लखनऊ और परियोजना निदेशक को भेजी गई है। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि सीडीओ और सहायक अभियंता में किस बात को लेकर विवाद हुआ? इसकी जानकारी कराएंगे। सहायक अभियंता का इस्तीफा उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है।
मैंने किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। बल्कि डीआरडीए के सहायक अभियंता और विकास भवन के अन्य अधिकारी राजनीति कर उन्हें परेशान कर रहे हैं। अनुबंधित कार का भुगतान लॉगबुक पूर्ण न होने की वजह से रुका था। - रेनू तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी।
सीडीओ की अनुबंधित कार हटाने या लगाने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। बेवजह ही सीडीओ ने मुझे अपने दफ्तर में बुलाकर दुर्व्यवहार किया। इसी वजह मैंने इस्तीफा भेजा है। -- दिनेश सिंघल, सहायक अभियंता, डीआरडीए।