- पूजा-अर्चना कर अष्ट द्रव्यों से किया गया अभिषेक
जैन मंदिरों और जिनालयों में सीमित संख्या में रहे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली/जलालाबाद/गढ़ीपुख्ता। जिले भर दशलक्षण पर्यूषण महापर्व के चौथे दिन जैन मंदिरों में भगवान पुष्प दंत का मोक्ष कल्याणक मनाया गया। इस मौके पर भगवान पुष्प दंत की पूजा-अर्चना, अभिषेक अष्ट द्रव्यों से किया गया। जैन पंडितों द्वारा उत्तम शौच धर्म का महत्व समझाया।
बुधवार को शहर के जैन मोहल्ला में पार्श्वनाथ, मोहल्ला धर्मपुरा में आदिनाथ और तालाब रोड श्री महावीर जिनालयों में भगवान पुष्प दंत का मोक्ष कल्याणक मनाया। भगवान का अष्ट द्रव्यों से जैन समाज के सीमिति श्रद्धालुओं ने अभिषेक, पूजन किया गया। जैन मोहल्ले में जिनालय में आदेश जैन, अमर जैन, दिनेश जैन, विशाल जैन मौजूद रहे। जलालाबाद कस्बे के पार्श्वनाथ अतिशय क्षेत्र मंदिर में विधि विधान से शांति धारा के पश्चात पूजा की गई । 1008 पुष्पदंत भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया गया। 13 दीप विधान में आज द्वितीय मेरु विजय मेरु का समापन हुआ। पंडित सनत कुमार जैन ने उत्तम शौच धर्म की महत्वता बताते हुए कहा कि सभी श्रद्धालु भक्ति पूर्वक जिनेंद्र प्रभु भगवान की आराधना अर्चना कर शांति प्राप्त करते हैं। यह महा पर्व केवल देश में ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में भी मनाया जाता है। आत्मा पवित्रता का भाव शौच धर्म है। शांति पदार्थों में नहीं बल्कि परमार्थ कर्म में मिलती है। उत्कर्ष को प्राप्त कर शुद्धीकरण पवित्र का भाव शौच धर्म है। इस मौके पर मंदिर समिति के सुशील जैन, सचिन जैन, ऋषभ जैन, राहुल, अंशुल मौजूद रहे।
गढ़ीपुख्ता कस्बे के श्री दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र में चौथे दिन विधि विधान से शांति धारा के के बाद 1008 पुष्पदंत नाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया गया। जैन पंडितों ने कहा कि संसार में मनुष्य लोभ के कारण ही अनेक दुखों को सहन करता है। आत्मा की शुचिता का स्वच्छता का निर्मलता का होना ही शौच धर्म है। लोभ इंसान के सभी दुखों की खान है। इस अवसर पर नीरज जैन, सुदेश जैन, ऋषभ जैन, विपुल जैन, निपुण जैन, ममता जैन, रेखा जैन आदि श्रद्धालु मौजूूूद रहे।
शामली के दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व पर पूजन करतीं महिलाएं।- फोटो : SHAMLI